Ara child labour action: भोजपुर में बाल मजदूरी पर शिकंजा, 4 बच्चों को कराया गया रेस्क्यू

Ara child labour action: आरा में प्रशासन ने बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाकर 4 बच्चों को मुक्त कराया। दो प्रतिष्ठानों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

आरा में बाल श्रम विरोधी अभियान- फोटो : news4nation

Ara child labour action: बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को आरा प्रखंड क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान चार बाल श्रमिकों को काम से मुक्त कराया गया। साथ ही बच्चों से काम कराने वाले दो प्रतिष्ठानों के संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

यह कार्रवाई श्रम संसाधन विभाग, स्थानीय पुलिस और सामाजिक संस्था “दिशा एक प्रयास” की संयुक्त टीम ने मिलकर की। टीम ने आरा-सलेमपुर रोड पर स्थित कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान चार बच्चे अलग-अलग दुकानों में काम करते मिले। अधिकारियों ने तुरंत बच्चों को वहां से मुक्त कराया और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति, भोजपुर के सामने पेश किया गया ताकि आगे की देखभाल और सहायता सुनिश्चित की जा सके।

उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान दो प्रतिष्ठानों में बच्चों से काम कराए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद उनके संचालकों के खिलाफ बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इस छापेमारी अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हेमंत कुमार, सुगीता कुमारी और अखिलेश कुमार शामिल रहे। इनके साथ संस्था दिशा एक प्रयास के प्रतिनिधि राजेश कुमार राय और स्थानीय पुलिस बल के जवान भी मौजूद थे।

प्रशासन ने आम लोगों से की अपील

संस्था “दिशा एक प्रयास” के प्रतिनिधि राजेश कुमार राय ने कहा कि बाल श्रम बच्चों की पढ़ाई, विकास और सुरक्षित भविष्य पर सीधा असर डालता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शोषण से मुक्त वातावरण देना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल श्रम खत्म करने के लिए आगे भी जागरूकता अभियान और कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर कहीं बच्चों से मजदूरी कराई जा रही हो तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित माहौल दिया जा सके।

आरा से आशीष की रिपोर्ट