टीटीई की दबंगई: पुलिस के सामने यात्री को सरेआम दी भद्दी गालियां, वीडियो वायरल, साल भर पहले हुआ ट्रांसफर

आरा जंक्शन पर टीटीई कुंदन कुमार द्वारा यात्री को गाली देने का वीडियो वायरल। तबादले के एक साल बाद भी जमे हैं उसी स्टेशन पर। रेलवे ने शुरू की जांच।

Arrah - : भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के दावे अक्सर किए जाते हैं, लेकिन आरा जंक्शन से आई एक तस्वीर इन दावों पर सवालिया निशान लगा रही है। दानापुर मंडल के प्रमुख स्टेशनों में से एक, आरा जंक्शन पर तैनात एक टीटीई (TTE) का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पुलिस बल की मौजूदगी में एक यात्री को सरेआम भद्दी-भद्दी गालियां देता नजर आ रहा है।

आरपीएफ के सामने गालीबाज टीटीई का तांडव

आरा जंक्शन के स्टेशन कैंपस स्थित पोर्टिको के पास घटित इस घटना में टीटीई कुंदन कुमार को साफ तौर पर बेहद अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते देखा जा सकता है। हैरानी की बात यह है कि जिस वक्त यह सरकारी कर्मी यात्री के साथ बदसलूकी कर रहा था, वहां आरपीएफ (RPF) के जवान भी मौजूद थे। सरकारी वर्दी में एक रेल कर्मी का इस तरह का व्यवहार न केवल विभाग की छवि को धूमिल कर रहा है, बल्कि आम यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है।

तबादले के एक साल बाद भी जमे हैं 'दबंग' टीटीई

सूत्रों और रेल यात्रियों की मानें तो टीटीई कुंदन कुमार का विवादों से पुराना नाता रहा है। यात्रियों का आरोप है कि इस टीटीई का तबादला करीब एक साल पहले ही हो चुका है, लेकिन ऊंची पहुंच और 'दबंगई' के दम पर वह अब भी आरा जंक्शन पर ही तैनात है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुंदन कुमार अक्सर यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करता है और पहले भी कई बार अपने कारनामों को लेकर चर्चा में रह चुका है।

दानापुर रेल मंडल ने बैठाई जांच कमेटी

वीडियो के वायरल होने और मामला तूल पकड़ने के बाद रेल प्रशासन हरकत में आया है। इस संबंध में दानापुर के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। वीडियो की सत्यता की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मी के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे प्रबंधन की कार्यशैली पर उठे सवाल

आरा जंक्शन, जो राजस्व देने के मामले में पटना के बाद दूसरे स्थान पर आता है, वहां इस तरह की घटना ने यात्रियों में रोष पैदा कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किस परिस्थिति और किसके संरक्षण में एक 'गालीबाज' कर्मी तबादले के एक साल बाद भी उसी स्टेशन पर तैनात है? क्या रेलवे प्रबंधन ऐसे कर्मियों को यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने की खुली छूट दे रहा है?

Report - ashish srivastav