Bihar News:महिला मरीज की मौत के बाद अस्पताल में बवाल, तोड़फोड़ और सड़क जाम, डॉक्टर फरार

Bihar News: आरा में उस वक्त अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया जब एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।...

अस्पताल में बवाल- फोटो : reporter

Bihar News: आरा में उस वक्त अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया जब एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मामला नवादा थाना  अंतर्गत पड़ी गैस एजेंसी रोड स्थित केसर अस्पताल का बताया जा रहा है, जहां इलाज के दौरान एक महिला की मौत ने पूरे इलाके को हंगामे की आग में झोंक दिया।मृतका की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के नावाडीह निवासी लखा मुनि देवी पत्नी सुरेंद्र यादव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान अचानक उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों का आरोप है कि यह मौत डॉक्टर की लापरवाही का नतीजा है।

जैसे ही मौत की खबर फैली, परिजनों का सब्र टूट गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ की, कुर्सियां और खिड़कियां तोड़ दीं और कई जगह रोड़ेबाजी भी की गई। देखते ही देखते पूरा अस्पताल रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।परिजनों का यह भी आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव को छुपाने की कोशिश की, जिससे गुस्सा और भड़क गया। इसी बात को लेकर भीड़ बेकाबू हो गई और अस्पताल परिसर के बाहर सड़क जाम कर दी गई। स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके पर जुट गई, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही नवादा थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू करने की कोशिश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर हालात को शांत कराया।

इस बीच अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ मौके से फरार हो गए, जिससे संदेह और गहरा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और अस्पताल रिकॉर्ड, इलाज प्रक्रिया और स्टाफ की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि अगर लापरवाही साबित होती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट- आशीष कुमार