Bihar liquor ban: बिहार के भोजपुर में शराबबंदी के बावजूद किराना दुकानों से बिक रही थी शराब! पता चलने पर पुलिस ने मारा छापा, 2 गिरफ्तार
Bihar liquor ban: भोजपुर जिले में किराना दुकानों की आड़ में शराब का धंधा चल रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर 37 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की, दो दुकानदार गिरफ्तार किए गए।
Bihar liquor ban: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू हुए करीब नौ साल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद शराब तस्कर और माफिया नए-नए हथकंडे अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं। ताजा मामला भोजपुर जिले के बबुरा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां पुलिस ने किराना दुकानों की आड़ में चल रहे शराब के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक साथ दो दुकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है और दोनों दुकानों के संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
रोजमर्रा की दुकानों के पीछे चल रहा था अवैध कारोबार
बबुरा थाना क्षेत्र के कोल्हार रामपुर गांव में स्थित दो जनरल स्टोर लंबे समय से स्थानीय लोगों के बीच सामान्य किराना दुकानों के रूप में जाने जाते थे। इन दुकानों से ग्रामीण अपनी रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदा करते थे, लेकिन पुलिस को मिली गुप्त सूचना ने इन दुकानों की असल सच्चाई सामने ला दी। सूचना के अनुसार दुकानों में राशन और अन्य सामानों के बीच शराब की बोतलें छिपाकर ऊंचे दामों पर बेची जा रही थीं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए बबुरा थानाध्यक्ष संजय कुमार के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
देर रात हुई छापेमारी, शराब का जखीरा बरामद
योजनाबद्ध तरीके से पुलिस टीम ने देर रात कोल्हार रामपुर गांव में चिन्हित दुकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को दोनों दुकानों से अवैध शराब का भंडार मिला।थानाध्यक्ष संजय कुमार के अनुसार स्वर्गीय बालेश्वर चौधरी के पुत्र योगेंद्र चौधरी की दुकान से 17 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। वहीं, दीनानाथ चौधरी की जनरल स्टोर से 20 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। कुल मिलाकर पुलिस ने 37.59 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है।
दोनों दुकानदार गिरफ्तार, भेजे गए जेल
छापेमारी के बाद पुलिस ने दोनों दुकानों के संचालकों योगेंद्र चौधरी और दीनानाथ चौधरी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शनिवार को दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।पुलिस का कहना है कि बरामद शराब की बाजार कीमत हजारों रुपये में आंकी जा रही है और यह लंबे समय से गांव में खपाई जा रही थी।
शराबबंदी के बाद बदलता माफिया का तरीका
बिहार में साल 2016 से शराब के उत्पादन, बिक्री, परिवहन और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद शराब माफिया अब ऐसे ठिकानों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जहां किसी को शक न हो। किराना दुकानों और रिहायशी इलाकों में अवैध शराब का स्टॉक रखना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अन्य अवैध धंधों से जुड़े लोग सतर्क हो गए हैं।
सप्लाई चेन की जांच में जुटी पुलिस
भोजपुर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में शराब माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। बबुरा थानाध्यक्ष ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन दुकानों तक शराब की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े तस्कर या सप्लायर जुड़े हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।