Patna LPG crisis: पटना में रसोई गैस संकट गहराया! एजेंसियों पर भीड़, छोटे कारोबारियों का काम ठप

Patna LPG crisis: पटना में रसोई गैस संकट गहराने से एजेंसियों पर लंबी कतारें लग गई हैं। गैस नहीं मिलने से छोटे कारोबार प्रभावित हुए हैं और कई जगह ग्राहकों व कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बनी है।

Patna LPG crisis
पटना में रसोई गैस की किल्लत!- फोटो : social media

Patna LPG crisis: पटना में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत अब गंभीर रूप लेती जा रही है। गैस नहीं मिलने से आम लोगों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। शहर की कई गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर सिलिंडर को लेकर ग्राहकों और एजेंसी कर्मचारियों के बीच नोकझोंक की घटनाएं भी सामने आई हैं।

गर्दनीबाग इलाके की पुनीत नयन गैस एजेंसी में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विवाद के बाद ट्रक से सिलिंडर चोरी होने की घटना सामने आई। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद दोपहर में पुलिस ने सिलिंडर बरामद कर लिया।

पटना के छोटे कारोबार पर गैस संकट का असर 

गैस संकट का असर शहर के छोटे कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। चाय, समोसा, पराठा और नूडल्स जैसी नाश्ते की दुकानों का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अनुमान है कि शहर के करीब 45 प्रतिशत छोटे दुकानदारों का काम बंद हो गया है। कई दुकानों पर गैस न होने के कारण ताला लग गया है, जबकि जो दुकानें किसी तरह चल रही हैं वहां खाने-पीने की चीजों के दाम में 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्थिति को संभालने के लिए शुक्रवार से गैस एजेंसियों में ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू की गई है। एजेंसी कर्मचारी उपभोक्ताओं की बुकिंग ब्लू बुक में दर्ज कर रहे हैं और बाद में उसे सिस्टम में अपडेट किया जा रहा है। इसके आधार पर उपभोक्ताओं को लगभग 24 घंटे बाद मैसेज मिलने की उम्मीद है।

पेट्रोलियम कंपनियों के निर्देश 

पेट्रोलियम कंपनियों के निर्देश के अनुसार शहरों में अब 25 दिन के बाद और ग्रामीण इलाकों में लगभग 45 दिन के बाद सिलिंडर का नंबर लग रहा है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है, जहां कई उपभोक्ताओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। गैस एजेंसियों पर अचानक बढ़ी भीड़ के कारण कई जगह अव्यवस्था की स्थिति बन गई है। शहर के कई इलाकों में हालात बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा।

इंडेन के आईवीआरएस नंबर पर दबाव

इस दौरान बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने फोन और ऑनलाइन माध्यम से भी बुकिंग करने की कोशिश की। लेकिन अचानक बढ़ी कॉल के कारण इंडेन के आईवीआरएस नंबर पर दबाव लगभग 20 गुना तक बढ़ गया, जिससे ऑनलाइन बुकिंग सेवा भी प्रभावित हो गई। इंडेन के अधिकारियों के अनुसार 6 से 12 मार्च के बीच Bihar में करीब 11 लाख सिलिंडर की बुकिंग हुई, जिनमें से लगभग 10.37 लाख सिलिंडरों की आपूर्ति कर दी गई है। सामान्य तौर पर पटना में इंडेन से रोज करीब 27 हजार सिलिंडर की बुकिंग होती थी, जबकि अभी लगभग 24 हजार सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। हालांकि एजेंसियों का कहना है कि मौजूदा समय में बुकिंग की संख्या 37 हजार से अधिक हो सकती है।

बिहार में इंडेन के करीब सवा दो करोड़ उपभोक्ता

अधिकारियों के अनुसार बिहार में इंडेन के करीब सवा दो करोड़ उपभोक्ता हैं, जबकि एचपीसीएल और बीपीसीएल के पास करीब सवा करोड़ ग्राहक हैं। अचानक बढ़ी मांग के कारण आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और इसे धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। जिला प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में गैस की आपूर्ति बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिल सके।