Bihar Road Accident:स्कूल बस की टक्कर से स्पेशल ब्रांच ASI की दर्दनाक मौत, पटना ड्यूटी जाते वक्त हुआ हादसा, बिहार में रफ्तार का खूनी खेल
Bihar Road Accident: एक तेज रफ्तार स्कूल बस की जोरदार टक्कर से स्पेशल ब्रांच के एएसआई की मौके पर ही मौत हो गई।..
Bihar Road Accident: बिहार में सड़क पर बेलगाम रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। ताजा मामला भोजपुर जिले के आरा से सामने आया है, जहां तपेश्वर इंदु महिला कॉलेज के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में स्पेशल ब्रांच के एएसआई की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में सनसनी और कोहराम मच गया है। मृतक की पहचान 43 वर्षीय राजीव रंजन सिंह उर्फ गोल्डी सिंह के रूप में हुई है, जो ग्राम बालिगांव, थाना अयर के निवासी थे। बताया जा रहा है कि वे अपने गांव से पटना ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे, तभी यह हादसा हो गया।
घटना उस वक्त हुई जब माउंट लिट्रा स्कूल की बस ने तपेश्वर सिंह इंदु महिला कॉलेज के पास उनकी बाइक या वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एएसआई राजीव रंजन सिंह को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इस दुर्घटना के बाद स्कूल बस चालक की लापरवाही को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस वाहन में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, अगर वही वाहन चालक नियमों की अनदेखी करे तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है। फिलहाल पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है घटना की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हादसा तेज रफ्तार, लापरवाही या तकनीकी खराबी के कारण हुआ।
बता दें बिहार सरकार ने सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को फिर से विशेष स्थानीय आपदा की श्रेणी में शामिल कर दिया है, ताकि पीड़ित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता मिल सके। इससे पहले वर्ष 2015 में इसे विशेष आपदा मानकर अनुग्रह अनुदान देने की व्यवस्था थी, जिसे 2021 में परिवहन विभाग द्वारा नियमों में बदलाव कर अलग मुआवजा प्रणाली में बदल दिया गया था। अब दोबारा इसे आपदा श्रेणी में लाने का उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित राहत पहुंचाना बताया जा रहा है।
फिलहाल यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा, स्कूल वाहनों की निगरानी और ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन पर गंभीर सवाल छोड़ गया है।
रिपोर्ट- आशीष कुमार