Bihar News : सनातन धर्म का नया केंद्र बना भोजपुर का बहियारा गांव, 11 करोड़ की लागत से बना भव्य बालाजी मंदिर, प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव से भक्तिमय हुआ इलाका
Bihar News : भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा के पैतृक आवास पर श्री बालाजी नरसिंह मंदिर बनकर तैयार हो गया है. मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है.....पढ़िए आगे
ARA : बिहार के भोजपुर में भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा के पैतृक आवास पर श्री बालाजी नरसिंह मंदिर बनकर तैयार हो गया है. जिले के कोइलवर प्रखंड अंतर्गत बहियारा गांव में राज्य का पहला दक्षिण भारतीय शिल्प कला पर आधारित तिरुपति बालाजी महाराज के मंदिर के तर्ज पर भव्य मंदिर बनकर पूरी तरह तैयार हो गया है. मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है.
इस संबंध में जानकारी देते हुए एके सिंह ने बताया कि करीब 10 महीने की अवधि में मंदिर का निर्माण कार्य पूरा किया गया है. निर्माण लागत की बात करें तो लगभग 10 से 11 करोड़ रुपये की लागत से इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है. मंदिर की वास्तुकला पूरी तरह दक्षिण भारतीय शैली पर आधारित है, जो इसे जिले ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में विशेष पहचान दिला रही है.
गुरुवार को मूलविग्रह स्थापना के साथ प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया. इस दौरान मृत्तिका संग्रह, यज्ञशाला प्रवेश, अंकुरार्पण, वेद एवं विद्वद्वरण प्रारंभ, अंकुर होम एवं पूर्णाहुति जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए. आयोजकों के अनुसार शनिवार को यज्ञशाला पूजन, तत्व होम, शांति होम, प्राण-प्रतिष्ठा पूजन, पूर्णाहुति, वेदपाठ एवं महाआरती के साथ पूजा-अर्चना का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. बहियारा में सोन नद के तट पर श्री बालाजी नरसिंह मंदिर में दक्षिण भारत के 51 आचार्य, पुरोहित की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चरण के साथ प्रतिमा का स्थापना किया गया. मंदिर में श्री तिरुपति बाला जी, श्रीगणपति जी, श्रीबजरंग बली, श्री गरुड़ जी, श्रीमहालक्ष्मी जी, श्रीलक्ष्मी नरसिंह जी, श्री राम दरबार मंदिर में प्रतिमा स्थापित किया गया.
इस पावन अवसर पर भगवान श्री बालाजी की दिव्य प्रतिमा की स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा करवाने वाले महंत हरिद्वार आश्रम के परमहंस परिव्राजकाचार्य, ब्रह्मलीन प्रेमानंद स्वामी महाराज के शिष्य स्वामी सम्भवाचार्य महाराज ने बताया कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सनातन धर्म की पताका को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने का एक दिव्य केंद्र बनेगा.
आशीष की रिपोर्ट