Bihar News : भोजपुर में बड़ा हादसा, सोन नदी में नहाने के दौरान डूबे 6 दोस्त, बचाने की कोशिश में 3 छात्रों की हुई दर्दनाक मौत, 3 बाल बाल बचे

Bihar News : भोजपुर में सोन नदी में नहाने के दौरान छः युवक डूब गए. हालाँकि ग्रामीणों की तत्परता से 3 युवकों को बचा लिया गया. जबकि 3 की मौत हो गयी......पढ़िए आगे

सोन में डूबे युवक - फोटो : SOCIAL MEDIA

ARA : बिहार के भोजपुर जिले के चौरी थाना क्षेत्र अंतर्गत अंधारी सोन नदी बालू घाट संख्या 1 के समीप रविवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ नदी में स्नान करने गए अंधारी गाँव के छह युवक पानी में डूब गए। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से तीन युवकों को तो सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन गंभीर रूप से डूबे तीन अन्य छात्रों की अस्पताल ले जाने के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान 14 वर्षीय हर्षित कुमार (आठवीं का छात्र), 17 वर्षीय निखिल कुमार (मैट्रिक का छात्र) और 19 वर्षीय नीतीश कुमार (बीए सेकंड ईयर का छात्र) के रूप में हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से अंधारी गाँव और मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब बच्चे नदी में नहा रहे थे। इसी दौरान अवैध बालू खनन के कारण नदी के भीतर बने एक गहरे पानी के गड्ढे में 14 वर्षीय हर्षित कुमार डूबने लगा। उसे डूबता देख वहां मौजूद उसका दोस्त नीतीश कुमार उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह भी डूबने लगा। इन दोनों को संकट में देख मैट्रिक का छात्र निखिल कुमार भी नदी में कूद गया। देखते ही देखते तीनों गहरे पानी में समाने लगे। उन्हें बचाने के लिए बीए का छात्र शिवम कुमार, बीएससी का छात्र पंकज कुमार और नौवीं का छात्र प्रिंस कुमार भी आगे बढ़े, लेकिन वे भी डूबने लगे। इसी बीच प्रिंस कुमार द्वारा जोर-जोर से शोर मचाने पर नदी किनारे मौजूद सैकड़ों ग्रामीण नाव लेकर दौड़े और पानी में कूदकर प्रिंस, शिवम और पंकज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

नदी से बाहर निकाले जाने के बाद नीतीश, निखिल और हर्षित की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में तीनों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सहार पहुँचाया। जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत अरवल सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; सहार से अरवल ले जाने के क्रम में तीनों छात्रों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया और सदर अस्पताल पहुँचते ही चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही चौरी थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ अंधारी गाँव पहुँचे और मामले की छानबीन शुरू कर दी।

इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। परिजनों का गंभीर आरोप है कि सहार से अरवल ले जाने के दौरान सोन नदी के सहार पुल पर लगे भीषण सड़क जाम के कारण एम्बुलेंस या बड़ी गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी। मजबूरी में घायल युवकों को बाइक पर लादकर अरवल ले जाना पड़ा, जिसमें काफी कीमती समय बर्बाद हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन को इस लापरवाही का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर समय पर इलाज मिलता तो तीनों की जान बच सकती थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने अरवल-सहार पुल को पूरी तरह से जाम कर टायर जलाकर प्रदर्शन किया और भोजपुर व अरवल के एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इस महाजाम में स्थानीय एमएलसी जीवन कुमार भी करीब दो घंटे तक फंसे रहे।

जाम की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने उग्र ग्रामीणों और शोकाकुल परिजनों से काफी देर तक वार्ता की। अंततः, पुल पर ड्यूटी पर तैनात लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने दो घंटे बाद जाम हटाया। इस हादसे ने तीन पिताओं की उम्मीदें तोड़ दी हैं। मृतक नीतीश कुमार दो भाइयों में बड़ा था, जबकि निखिल कुमार और हर्षित कुमार अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और दोनों की एक-एक छोटी बहनें हैं। घर के चिरागों के असमय बुझ जाने से अंधारी गाँव का हर शख्स स्तब्ध है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

आशीष की रिपोर्ट