Bihar News: भोजपुर में मौत का ट्रक, सड़क पार कर रहा युवक पहिये में फंसा, तड़प-तड़प कर निकली जान, गुस्साई भीड़ ने पुलिस गाड़ी तोड़ी

Bihar News: एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। कोईलवर-चांदी पथ पर धनडीहा वार्ड-9 स्थित दलित बस्ती के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने 26 वर्षीय युवक को ऐसी टक्कर मारी कि वह सीधे ट्रक के पहिये में फंस गया।..

भोजपुर में मौत का ट्रक- फोटो : social Media

Bhojpur: जिले के कोईलवर इलाके में सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। कोईलवर-चांदी पथ पर धनडीहा वार्ड-9 स्थित दलित बस्ती के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने 26 वर्षीय युवक को ऐसी टक्कर मारी कि वह सीधे ट्रक के पहिये में फंस गया। चश्मदीदों के मुताबिक युवक सड़क पार करने की जुगत में था, तभी मौत बनकर आया ट्रक उसे रौंदता चला गया। पहिये में फंसने के बाद युवक की तड़प-तड़प कर मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान धनडीहा वार्ड-9 निवासी स्वर्गीय रामकुंड पासवान के बेटे वीरबहादुर पासवान (26) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि हादसा रात करीब सवा आठ बजे हुआ, जब वीरबहादुर सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान कोईलवर की तरफ से चांदी की ओर जा रहा ट्रक तेज रफ्तार में आया और उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ट्रक के पहिये में फंस गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद सदर-2 एसडीपीओ रंजीत कुमार सिंह, कोईलवर थानाध्यक्ष नरोतम चन्द्र, अपर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार मंडल और एसआई मुकेश कुमार साहू दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

लेकिन जैसे ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने की कोशिश की, परिजन और ग्रामीण भड़क उठे। गुस्साए लोगों ने पुलिस की बात मानने से इनकार कर दिया। माहौल इतना गर्म हो गया कि लोगों ने घटनास्थल को बांस-बल्लों से घेरकर सड़क जाम कर दिया। देखते ही देखते कोईलवर-चांदी मार्ग पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

इसी दौरान गुस्साई भीड़ ने मौके से गुजर रही कोईलवर थाने की गश्ती गाड़ी को निशाना बना लिया। लोगों ने गाड़ी पर हमला कर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि किसी तरह पुलिसकर्मी वहां से जान बचाकर निकल गए। हालात बिगड़ते देख एहतियातन चांदी थानाध्यक्ष राकेश रौशन को भी फोर्स के साथ बुलाया गया।

देर रात करीब साढ़े दस बजे तक लोग सड़क जाम कर हंगामा करते रहे। उधर हादसे की खबर मिलते ही वीरबहादुर के घर में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में पत्नी नीलम देवी और दो छोटे बच्चे हैं। घर के इकलौते कमाने वाले की मौत से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी नीलम देवी सड़क पर पड़े शव से लिपटकर दहाड़ मार-मार कर रोती रही और पूरा इलाका मातम में डूब गया।