Aurangabad News: औरंगाबाद बाल सुधार गृह का वीडियो वायरल, अंदर गानों पर डांस और गांजे का धुआं; IG विकास वैभव ने दिए जांच के आदेश
औरंगाबाद के बाल सुधार गृह (सुरक्षित स्थान) से एक सनसनीखेज वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें किशोर टीवी चलाकर डांस करते और गांजा पीते दिख रहे हैं। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने संज्ञान लेते हुए औरंगाबाद एसपी को जांच के आदेश दिए हैं।
बिहार के औरंगाबाद जिले स्थित बाल सुधार गृह (सुरक्षित स्थान) से एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में सुधार गृह के अंदर रह रहे किशोर टीवी चलाकर गानों पर डांस करते और खुलेआम गांजा (अवैध मादक पदार्थ) का धुआं उड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। किशोरों को मुख्यधारा में लाने और उनके पुनर्वास के उद्देश्य से बनाए गए इस संस्थान से ऐसी तस्वीर सामने आने के बाद प्रशासनिक व पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
किशोरों को सही राह दिखाने वाले इस केंद्र के अंदर नशे की सामग्री पहुँचने से सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था पूरी तरह कटघरे में खड़ी हो गई है। बाल सुधार गृह की चारदीवारी के अंदर धुएं के बीच मस्ती करते किशोरों का यह दृश्य अधिकारियों की लापरवाही को साफ उजागर करता है। सवाल यह उठ रहा है कि कड़े पहरे के बावजूद किशोरों तक गांजा किसने और कैसे पहुँचाया तथा वहां तैनात सुरक्षाकर्मी व अधिकारी इस दौरान क्या कर रहे थे।
मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने लिया संज्ञान, दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध रेंज के आईजी (IG) विकास वैभव ने त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो का सत्यापन कराने के लिए औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक (SP) को एक जांच कमेटी गठित कर पारदर्शी जांच का निर्देश दिया गया है। आईजी ने स्पष्ट किया है कि जांच में अगर वीडियो की पुष्टि होती है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
व्यवस्था दुरुस्त करने और पुनरावृत्ति रोकने का दिया आश्वासन
पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि बाल सुधार गृह परिसर के भीतर ऐसी अनैतिक और गैर-कानूनी गतिविधियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए सुरक्षा जांच को और सख्त बनाने तथा आंतरिक निगरानी प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की चूक दोबारा न हो और सुधार गृह के वास्तविक उद्देश्यों को बनाए रखा जा सके।
औरंगाबाद से दीनानाथ की रिपोर्ट