Bihar Panchayat Chunav:बिहार पंचायत चुनाव में फेशियल रिकग्निशन से होगी फर्जी वोटरों की पहचान, अब इस तकनीक से मजबूत होगी लोकतंत्र की नींव

Bihar Panchayat Chunav: बिहार में इस साल होने वाले पंचायत चुनाव में फेशियल रिकग्निशन तकनीक के जरिए बोगस वोटर की पहचान की जाएगी।...

बिहार पंचायत चुनाव में फेशियल रिकग्निशन से होगी फर्जी वोटरों की पहचान- फोटो : reporter

Bihar Panchayat Chunav: बिहार में इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने औरंगाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि इस बार चुनाव कई मायनों में विशेष होगा। मुख्य मकसद फर्जी मतदान और धांधली पर लगाम लगाना है। इसके लिए तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि फेशियल रिकग्निशन तकनीक के जरिए बोगस वोटर की पहचान की जाएगी। अगर कोई व्यक्ति दोबारा मतदान करने आता है, तो कैमरे उसकी पहचान कर लेंगी और उसे मतदान से रोका जाएगा। यह कदम पिछले चुनावों में फर्जी वोटिंग और चुनावी प्रक्रिया पर विश्वास की कमी को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

इस साल पंचायत चुनाव में कुछ और बदलाव भी देखने को मिलेंगे। नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा और मतदान ईवीएम से किया जाएगा। छह पदों के लिए एक ही दिन में मतदान होगा। इसके लिए छह अलग-अलग बैलेट मशीनें लगाई जाएंगी, जिनमें अलग-अलग रंगों की बैलेट यूनिट होगी। मतदाता इन मशीनों के माध्यम से सभी पदों पर एक साथ वोट डाल सकेंगे।

मतगणना के दौरान संभावित धांधली को रोकने के लिए विशेष ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। ईवीएम में मैनुअल तरीके से वोटों की गिनती होगी, और इस पूरी प्रक्रिया पर कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि पिछली बार मतगणना के दौरान अक्सर धांधली की शिकायतें आती थीं, जो अब तकनीक की मदद से न्यूनतम हो जाएंगी।

बिहार में पिछला पंचायत चुनाव दिसंबर 2021 में हुआ था और जनवरी 2022 में पंचायती राज संस्थाओं के विजयी जनप्रतिनिधियों ने शपथ ग्रहण की थी। पंचायती राज का पांच साल का चक्र देखते हुए, 2026 के अंत तक राज्य में चुनाव कराए जाएंगे।

सियासी और प्रशासनिक गलियारों में इस चुनाव को तकनीक और पारदर्शिता का मील का पत्थर माना जा रहा है। फर्जी वोटिंग पर कड़ा नियंत्रण और ईवीएम आधारित सरल प्रक्रिया से बिहार के लोकतंत्र की नींव मजबूत होगी और जनता का चुनावी विश्वास भी बढ़ेगा।