नाग पंचमी की पूजा से लौट रहे थे दो दोस्त, तेज रफ्तार हाईवा ने लूना को मारी टक्कर, एक की मौके पर मौत, दूसरा गंभीर
तेज रफ्तार अज्ञात हाईवा की चपेट में आने से लूना सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
Aurangabad: रफीगंज-शिवगंज मुख्य मार्ग पर सोमवार की अहले सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार में मातम पसरा दिया। चातर पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार अज्ञात हाईवा की चपेट में आने से लूना सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।मृतक की पहचान रफीगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर-1, अब्दुलपुर निवासी सर्जुन साव (57) के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय शिव प्रसाद साव के पुत्र थे। हादसे में उनके साथ लूना पर सवार उपेंद्र साव (40) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उपेंद्र भी अब्दुलपुर के रहने वाले हैं।घायल उपेंद्र साव ने बताया कि दोनों लोग नाग पंचमी के अवसर पर मदनपुर थाना क्षेत्र के वार गांव स्थित मंदिर में पूजा करने गए थे। पूजा-अर्चना पूरी करने के बाद दोनों लूना से अपने घर अब्दुलपुर लौट रहे थे।
इसी दौरान चातर पेट्रोल पंप के समीप अचानक रफीगंज की ओर से आ रहा एक तेज रफ्तार हाईवा उनकी लूना के सामने आ गया। इससे पहले कि दोनों कुछ समझ पाते, हाईवा ने लूना में जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सर्जुन साव सड़क पर गिर पड़े और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं उपेंद्र साव गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवा चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस अब अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है।
हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। लोगों ने तत्काल घायल उपेंद्र साव को इलाज के लिए रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गयाजी रेफर कर दिया।दूसरी ओर हादसे की सूचना मिलते ही रफीगंज थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी। अज्ञात हाईवा और उसके चालक की तलाश की जा रही है।
सर्जुन साव की मौत की खबर से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नगर पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अनिल कुमार गौतम और सेवानिवृत्त कैप्टन कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के परिवार में एक पुत्र और पांच पुत्रियां हैं।बताया गया कि करीब तीन वर्ष पहले बीमारी के कारण सर्जुन साव की पत्नी उषा देवी का निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद वह अकेले ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सर्जुन साव ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे।अब उनकी मौत के बाद छह बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिवार के सामने रोजी-रोटी और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।
अंचलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सरकारी स्तर पर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक के आश्रितों को नियमानुसार उचित मुआवजा राशि दी जाएगी।फिलहाल पुलिस हादसे की जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह तेज रफ्तार हाईवा कौन चला रहा था और हादसे के बाद चालक वाहन लेकर कहां फरार हुआ। सड़क पर बढ़ते भारी वाहनों की रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोगों में चिंता है।नाग पंचमी पर मंदिर में पूजा कर घर लौट रहे सर्जुन साव के लिए यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ। अब परिवार इंसाफ और सरकारी मदद की आस लगाए बैठा है।
रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर