Bagaha Flood Relief Satish Chandra Dubey: बगहा में 1000 परिवारों को मिली राहत सामग्री, केंद्रीय मंत्री ने जताया मदद का भरोसा
पश्चिम चंपारण के बगहा में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री सतीश चंद्र दुबे के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में शहर के विभिन्न वार्डों के लगभग 1000 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राशन, बर्तन
पश्चिम चंपारण के बगहा में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए शनिवार को व्यापक स्तर पर राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री सतीश चंद्र दुबे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत शहर के करीब एक हजार पीड़ित परिवारों के बीच राशन, बर्तन और अन्य दैनिक उपयोग की जरूरी सामग्रियां बांटी गईं। राहत सामग्री मिलते ही लंबे समय से आपदा झेल रहे प्रभावित परिवारों के चेहरों पर सुकून और राहत साफ नजर आई।
नगर परिषद के दर्जनों वार्डों के बाढ़ पीड़ितों को मिला लाभ
राहत सामग्री का वितरण बगहा शहर के दर्जनों वार्डों के जरूरतमंद परिवारों के बीच सुनियोजित तरीके से किया गया। वितरण अभियान के तहत वार्ड संख्या 1 से 8 के अलावा वार्ड 26, 27, 28, 30, 31, 32, 34 और 35 के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को शामिल किया गया। सामग्री पैकेज में खाद्य पदार्थों के साथ-साथ गृहस्थी के आवश्यक बर्तन और अन्य उपयोगी सामान शामिल थे, जिससे प्रभावित परिवारों को काफी सहूलियत हुई।
'आपदा में सरकार साथ': केंद्रीय मंत्री ने दिलाया हरसंभव मदद का भरोसा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि इस विकट आपदा की घड़ी में किसी भी पीड़ित परिवार को बेसहारा नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि पूरी एकजुटता के साथ पीड़ितों के साथ खड़े हैं। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जरूरतमंदों तक राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और राहत-बचाव कार्य लगातार जारी रहे।
स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में सुनी गई जनसमस्याएं
सामग्री वितरण के दौरान केंद्रीय मंत्री और नेताओं ने बाढ़ पीड़ितों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और परेशानियां भी सुनीं। मौके पर बगहा विधायक राम सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अचिंत्य कुमार लल्ला, ऋतु जायसवाल, अमरेश श्रीवास्तव, सोमेश पांडेय और राजन गुप्ता समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में पीड़ितों को आश्वस्त किया कि पुनर्वास और सहायता का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
धीरज पराशर की रिपोर्ट