भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी और एपीएफ की समन्वय बैठक: सुस्ता क्षेत्र में शांति और आपसी सहयोग बनाए रखने पर रहा जोर
Bagha : भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति, आपसी सौहार्द और बेहतर समन्वय कायम रखने के लिए शुक्रवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। 21वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) के रामपुरवा समवाय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्टेटस क्वो एरिया सुस्ता में दोनों देशों के सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक संपन्न हुई।
सीमा सुरक्षा और वर्तमान स्थिति की समीक्षा
इस बैठक के दौरान भारत-नेपाल सीमा की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और सामान्य होने पर संतोष व्यक्त किया। इस चर्चा के दौरान सुस्ता क्षेत्र में नेपाल की तरफ स्थानीय लोगों द्वारा जेसीबी मशीन और सैंडबैग की मदद से तटबंध को मजबूत किए जाने से जुड़े मामले की जानकारी भी सामने रखी गई।
स्टेटस क्वो के उल्लंघन न होने का आश्वासन
नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल (APF) की 26वीं वाहिनी (नवलपरासी) के पुलिस अधीक्षक गोबिन्द बहादुर खाती ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया कि स्टेटस क्वो (यथास्थिति) का किसी भी प्रकार से उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सीमा पर शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए एपीएफ नेपाल की ओर से हरसंभव निरंतर सहयोग का पूरा भरोसा दिलाया।
नियमित संवाद और सुरक्षा सुदृढ़ करने पर प्रतिबद्धता
बैठक में दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों ने इस बात पर जोर दिया कि नियमित संवाद, सूचनाओं के आदान-प्रदान और आपसी समन्वय के जरिए सीमा क्षेत्र में सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। दोनों बलों ने सीमा पर शांति और कानून व्यवस्था कायम रखने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया।
बैठक में दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस समन्वय बैठक में भारत की ओर से एसएसबी की 65वीं वाहिनी के कमांडेंट नंदन सिंह मेहरा, 21वीं वाहिनी बगहा के द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश शर्मा और रामपुरवा के कंपनी कमांडर अवधेश कुमार शामिल हुए। वहीं, नेपाल की ओर से 26वीं वाहिनी नवलपरासी के पुलिस अधीक्षक गोबिन्द बहादुर खाती और सुस्ता पोस्ट के कमांडर निरीक्षक तेज बहादुर बोरा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
धीरज पराशर की रिपोर्ट