सत्ता के नशे में चूर इन बिहारी नेताओं को जानिए और पहचानिये ? जमुई को बेटी की लूटी गई आबरू तो पढ़ने लगे कसीदे....

जहाँ विपक्ष इस मामले में सत्ता पक्ष को घेरने के साथ ही जातिवादी एंगल तलाशने लगा तो सत्ता पक्ष भी इसमें पीछे नहीं रहा और मामले को जाति से जोड़ने और मोरल पुलिसिंग तक बताने से नहीं चूके हैं।

Jamui Girl Harassment Case
Jamui Girl Harassment Case- फोटो : news4nation

Jamui case : बिहार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के सरकारी दावों के बीच जमुई में एक युवा जोड़े के साथ आपत्तिजनक तरीके से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल हुआ। घटना के उजागर होने पर जहाँ एक ओर इसे लेकर बिहार में महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठा तो दूसरी ओर नेताओं की बयानबाजी भी शुरू हो गई। जहाँ विपक्ष इस मामले में सत्ता पक्ष को घेरने के साथ ही जातिवादी एंगल तलाशने लगा तो सत्ता पक्ष भी इसमें पीछे नहीं रहा और मामले को जाति से जोड़ने और मोरल पुलिसिंग तक बताने से नहीं चूके हैं। मंगलवार को इस मामले से जुड़े एक आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में पैर में गोली मारने के बाद गिरफ्तार किया तो बयानबाजी और ज्यादा तेज हो गई। 


तेजस्वी का भगवा एंगल

दरअसल, घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसमें आरोपित के भगवा गमछा बांधे होने पर तंज कसा। उसे  भगवा बलात्कारी, सात्विक और मोदी समर्थक बताकर भाजपा पर हमला बोला। वे यहीं नहीं रुके उन्होंने तंज कसते हुए इस मामले में सरकार द्वारा मुस्लिम और यादव एंगल तलाशने का दावा किया। उन्होंने घटना में सरकार को घेरने के क्रम में एक पूरा सोशल मीडिया का लंबा पोस्ट किया है।


श्रेयशी ने कहा मोरल पुलिसिंग

बिहार सरकार में मंत्री श्रेयसी सिंह ने एक मीडिया चैनल पर बात करते हुए जमुई की घटना को मोरल पुलिसिंग से जोड़ दिया। उन्होंने लड़के और लड़के के साथ बीच सड़क पर हुई बदतमीजी को मोरल पुलिसिंग का गलत तरीका बताया तो इस पर टीवी एंकर ने उन्हें टोका भी। एंकर ने तल्ख अंदाज में श्रेयसी सिंह को कहा कि आप उस क्षेत्र की महिला विधायक हैं लेकिन आप इस प्रकार से इस घटना को मोरल पुलिसिंग बता रही हैं। कोई लडकी क्या पहनेगी और सड़क पर किसके साथ जा रही है यह तय करना भीड़ का काम नहीं है। इसे कोई महिला विधायक कैसे मोरल पुलिसिंग बता सकती हैं। श्रेयसी और टीवी एंकर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

 

ललन-उमेश पर भड़के यूजर्स

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी इस घटना पर विपक्ष के द्वारा सवाल उठाने पर कहा कि पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी को चाहिए कि वे अपने गठबंधन सहयोगी राजद से पूछें कि उनके शासनकाल में कैसा जंगलराज था। लोग शाम के बाद घर से नहीं निकलते थे। इसी तरह जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने जमुई के घटना को छोटी-मोटी वारदात बताई तो सोशल मीडिया पर उनकी लोगो ने जमकर आलोचना की। 


जीतन राम का यादव एंगल

बयानबाजी करने में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी जब पुलिस द्वारा नंदन यादव का एनकाउंटर किया गया तो इस मामले को यादव जाति से जोड़ने से नहीं चूके। उन्होंने तेजस्वी यादव का नाम लेकर कहा कि वे यादवों को अपना भाई बताते हैं तो 'तेजस्वी जी अपने भाईयों को सचेत कर दिजिए,नहीं तो सम्राट की सरकार किसी को बख़्शने वाली नहीं है।

 

क्या  हुआ था जमुई में 

जमुई में 19 सितंबर को लड़का और लड़की कोचिंग क्लास से लौट रहे थे, तभी उन्हें रोका गया और उनके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की गई, जिसके बाद उन्हें जाने दिया गया। यह घटना शाम 6 से 7 बजे के बीच की बात है। घटना के एक वीडियो में टीनएजर्स को छोड़ देने की गुहार लगाते हुए दिखाया गया है, जबकि उनके साथ मारपीट की जा रही थी; एक सीन में एक आरोपी लड़की के प्राइवेट पार्ट को पकड़ता है, उसे ज़मीन से उठाता है, और भागने की कोशिश करता है।