9 साल पुराने दहेज हत्या मामले में पति, सास और ससुर दोषी करार, 14 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर होगी सुनवाई

बगहा जिले के 9 साल पुराने दहेज हत्या मामले में आरोपी पति और सास-ससुर को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। वहीं अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर तिथि मुकर्रर की है.....

दहेज हत्या मामले में पति, सास और ससुर दोषी करार- फोटो : धीरज पराशर

Bagha : बगहा में विवाहिता रीना देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के 9 साल पुराने मामले में अदालत ने अंतिम सुनवाई पूरी कर ली है। रामनगर थाना कांड संख्या 28/2017 से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में मृतका के पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप सिद्ध हो चुके हैं। बगहा स्थित जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत द्वारा इस मामले में 14 अक्टूबर को अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।


रामनगर थाना क्षेत्र का है पूरा मामला 

मामला सत्रवाद संख्या 290/2017 से संबंधित है, जिसमें मृतका रीना देवी के पति रंजीत चौधरी, सास दयमंती देवी और ससुर मथुरा प्रसाद मुख्य आरोपी हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रीना देवी का विवाह वर्ष 2002 में रंजीत चौधरी के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। वर्ष 2013 में भी गंभीर मारपीट के बाद सामाजिक पंचायत बुलाकर पंचनामा तैयार कराया गया था।


आग में जलने से हुई थी रीना देवी की मौत 

घटना 19 जनवरी 2017 की है, जब रीना देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से जलकर मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतका के पिता उपेन्द्र प्रसाद ने पति, सास और ससुर के खिलाफ जानबूझकर जलाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए रामनगर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी।


अदालत में 10 गवाहों की हुई गवाही 

अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से चिकित्सक, जांच अधिकारी (पुलिस) और सूचक सहित कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट, एफआईआर, आरोप पत्र और वर्ष 2013 का पंचनामा अदालत में मुख्य साक्ष्य के रूप में पेश किए गए। वहीं धारा 313 CrPC के तहत बयान में आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताया, लेकिन बचाव पक्ष की ओर से कोई पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका।


14 अक्टूबर को सजा का होगा ऐलान 

अपर सरकारी वकील (APP) जितेंद्र भारती ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने गवाहों और वैज्ञानिक व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आरोपों को मजबूती से साबित किया है। अदालत ने मामले में सुनवाई पूरी कर ली है और अब आगामी 14 अक्टूबर को फैसला सुनाया जाएगा, जिस पर पूरे इलाके की निगाहें टिकी हुई हैं।


धीरज पराशर की रिपोर्ट