बगहा में नदी के बीच तिरंगा यात्रा, आजादी के 79 साल बाद भी सुविधाओं का इंतजार
बगहा का सुदूरवर्ती और दुर्गम दोन क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। इसी उपेक्षा और दर्द को व्यवस्था तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार को स्थानीय ग्रामीणों ने उफनती नदी के बीचों-बीच उतरकर एक अनोखी 'तिरंगा यात्रा' निकाली....
Bagha : पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में देश की आजादी के जश्न के बीच एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। बगहा का सुदूरवर्ती और दुर्गम दोन क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। इसी उपेक्षा और दर्द को व्यवस्था तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार को स्थानीय ग्रामीणों ने उफनती नदी के बीचों-बीच उतरकर एक अनोखी 'तिरंगा यात्रा' निकाली। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे ग्रामीणों का यह प्रदर्शन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
हाथों में तिरंगा और जुबां पर अधिकार: नदी पार कर बुलंद की अपनी आवाज
इस अनोखे प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लहराते हुए ग्रामीणों ने नदी के पानी में उतरकर अपनी जायज मांगों के लिए आवाज बुलंद की। ग्रामीणों का कहना था कि तिरंगा उनके लिए केवल देश की आन-बान-शान का प्रतीक ही नहीं, बल्कि उनकी उम्मीदों, अधिकारों और बदहाली से मुक्ति की आवाज भी है। नदी के बहाव के बीच तिरंगे के साथ गुजरते हुए लोगों ने प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की।
सड़क, पुल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से आज भी वंचित हैं कई गांव
दोन क्षेत्र के निवासियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि देश की आजादी के 79 साल बीत जाने के बाद भी यहाँ के कई गांव सड़क, पुल, बिजली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं। खासकर बारिश के मौसम में नदियां उफान पर आ जाती हैं और पूरा इलाका टापू में बदल जाता है। किसी भी आपात स्थिति या दैनिक काम के लिए ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है।
ग्रामीणों के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता जय सिंह, उठाई क्षेत्र की समस्याएं
ग्रामीणों की इस स्वाभिमान व मांग यात्रा को राजनीतिक और सामाजिक समर्थन भी मिला। कांग्रेस नेता जय सिंह ग्रामीणों के साथ खुद नदी के पानी में उतरे और इस अनोखी तिरंगा यात्रा का हिस्सा बने। उन्होंने क्षेत्र की वर्षों पुरानी उपेक्षा पर दुख जताया और ग्रामीणों की मांगों का पुरजोर समर्थन करते हुए सरकार से दोन क्षेत्र के विकास के लिए तत्काल कड़े कदम उठाने की मांग की।
अनोखे प्रदर्शन के बाद अब सरकार और प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं ग्रामीण
नदी के बीच निकाली गई यह तिरंगा यात्रा स्पष्ट संदेश देती है कि दोन क्षेत्र के लोग आज भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का इंतजार कर रहे हैं। इस अनोखे और साहसिक कदम के बाद अब स्थानीय ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि सरकार, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन उनकी इस बुलंद आवाज को गंभीरता से लेंगे और जल्द ही क्षेत्र में सड़क, पुल व अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
धीरज पराशर की रिपोर्ट