बांका के दो लालों ने यूपीएससी में गाड़े झंडे: अनिकेत को 48वीं और प्रणय को मिली 245वीं रैंक
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है。 महोता गांव के अनिकेत रंजन ने अखिल भारतीय स्तर पर 48वीं रैंक हासिल की है, जबकि गोपालपुर गांव के प्रणय प्रसून्न को 245वीं रैंक प्राप्त हुई है
Banka - : बिहार के बांका जिले के अमरपुर प्रखंड में जश्न का माहौल है, जहाँ दो मेधावी युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में शानदार रैंक हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। अनिकेत रंजन ने अखिल भारतीय स्तर पर 48वां स्थान प्राप्त किया है, वहीं प्रणय प्रसून्न ने 245वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया है।
अनिकेत रंजन: पिछले रिकॉर्ड को तोड़ हासिल की 48वीं रैंक
अमरपुर प्रखंड के महोता गांव निवासी सुनील कुमार पवन के पुत्र अनिकेत रंजन ने अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय देते हुए 48वीं रैंक हासिल की है। अनिकेत की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और बड़े लक्ष्य के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 857वीं रैंक प्राप्त की थी, जिसके बाद उन्हें कस्टम एवं इनकम टैक्स विभाग में सेवा का अवसर मिला था। हालांकि, बेहतर रैंक और मनचाही सेवा पाने के जुनून ने उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया और इस बार उन्होंने शीर्ष 50 में अपनी जगह पक्की कर ली।
प्रणय प्रसून्न: आईआईटी से यूपीएससी तक का सफर
बांका के ही गोपालपुर गांव के रहने वाले प्रणय प्रसून्न ने 245वीं रैंक प्राप्त कर अपने परिवार और गांव को गौरवान्वित किया है। अजय कुमार शर्मा के पुत्र प्रणय की प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, मधुबनी से हुई, जिसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी (IIT) खड़गपुर से बीटेक और एमटेक की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में प्रणय बिहार राजस्व सेवा में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन उन्होंने प्रशासनिक सेवा के अपने सपने को निरंतर प्रयासों से हकीकत में बदल दिया।
बांका और अमरपुर में खुशी की लहर
इन दोनों युवाओं की दोहरी सफलता से पूरे बांका जिले में हर्ष का माहौल है। जैसे ही यूपीएससी के परिणाम घोषित हुए, अमरपुर प्रखंड के महोता और गोपालपुर गांवों में लोगों ने मिठाइयां बांटकर और पटाखे छोड़कर अपनी खुशी जाहिर की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इसे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। इन दोनों की कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और गांवों के युवा भी अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय पटल पर चमक सकते हैं।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा के स्रोत
प्रणय और अनिकेत की यह सफलता बांका और आसपास के जिलों के उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं। उनकी पृष्ठभूमि और सफलता की कहानी संदेश देती है कि संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण आपका संकल्प और निरंतर प्रयास है। वर्तमान में सरकारी सेवाओं में कार्यरत होने के बावजूद इन दोनों ने जिस तरह अपनी तैयारी जारी रखी और सफलता के नए सोपान तय किए, वह काबिले तारीफ है।
Report - chandrashekher bhagat