EO हत्याकांड पर फूटा गुस्सा, विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल गए बिहार के सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी, , सुरक्षा और इंसाफ की मांग तेज

Bihar EO Strike: डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी बिमल कुमार की हत्या के विरोध में बिहार के के सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।...

बिहार के सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू- फोटो : reporter

Bihar EO Strike:  डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) बिमल कुमार की हत्या के विरोध में बिहार के नगर प्रशासनिक महकमे में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। बिहार नगर सेवा संघ के आह्वान पर रविवार से राज्यभर के सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक वे प्रशासनिक और विकास कार्यों का बहिष्कार जारी रखेंगे।

संघ ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को भेजे गए पत्र में कहा है कि 1 अगस्त की रात हुई बिमल कुमार की निर्मम हत्या ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद राज्यभर के नगर कार्यपालक पदाधिकारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है। ऐसे में अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बिहार नगर सेवा संघ के महासचिव अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक राज्य के सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। इस आंदोलन को बांका जिले के तीन नगर पंचायतों और एक नगर परिषद ने भी समर्थन दिया है। जिले के सभी शहरी निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी संघ के निर्णय के अनुरूप अपने कार्यों से विरत रहेंगे।

अमरपुर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अनुराग कुमार ने कहा कि यह सिर्फ एक अधिकारी की हत्या का मामला नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने मांग की कि बिमल कुमार हत्याकांड के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ घटना में सहयोग करने वाले सभी लोगों की पहचान कर उन्हें कड़ी कानूनी सजा दी जाए। साथ ही राज्य के सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को सुरक्षा गार्ड, बॉडीगार्ड और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे बिना किसी भय के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

संघ ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें बिमल कुमार हत्याकांड के सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, मृतक अधिकारी के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, तथा सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।

संघ ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक इन मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस हड़ताल का असर राज्यभर के नगर निकायों के प्रशासनिक, विकासात्मक और नागरिक सेवाओं पर पड़ना तय माना जा रहा है। संघ का कहना है कि यदि हड़ताल के कारण आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी।

चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट