Bihar Inter Exam : बांका के इस परीक्षा केंद्र पर फूल-मालाओं से हुआ परीक्षार्थियों का स्वागत, डर भगाने के लिए प्रधानाध्यापक ने अपनाई गांधीगिरी

BANKA : बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा के बीच बांका जिले से एक बेहद सुखद और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। बौंसी बाजार स्थित सीएनडी हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर जब परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे, तो वहां का नजारा किसी उत्सव जैसा था। केंद्र पर मौजूद शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं का स्वागत किसी अतिथि की तरह फूल-मालाएं पहनाकर किया। परीक्षा के तनावपूर्ण माहौल में इस तरह के आत्मीय स्वागत को देख परीक्षार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

आत्मविश्वास बढ़ाने की अनूठी पहल

इस अनूठी पहल की शुरुआत सीएनडी हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक प्राण मोहन सिंह द्वारा की गई। उन्होंने केंद्र के गेट पर खड़े होकर स्वयं परीक्षार्थियों को पुष्पमाला पहनाई और उन्हें बेहतर परिणाम के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानाध्यापक का मानना है कि परीक्षा के नाम से छात्रों के मन में जो डर और घबराहट होती है, उसे इस तरह के सकारात्मक व्यवहार से दूर किया जा सकता है।

तनावमुक्त वातावरण पर जोर

मीडिया से बात करते हुए प्रधानाध्यापक प्राण मोहन सिंह ने कहा कि अक्सर परीक्षा के दौरान विद्यार्थी भारी मानसिक दबाव में रहते हैं। इस दबाव का सीधा असर उनके प्रदर्शन पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि स्वागत का उद्देश्य बच्चों के भीतर आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें यह महसूस कराना है कि परीक्षा एक बोझ नहीं, बल्कि उनके भविष्य का एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है।

परीक्षार्थियों ने जताई खुशी

इस विशेष स्वागत से परीक्षार्थी भी काफी प्रभावित नजर आए। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने कहा कि आमतौर पर केंद्रों पर सख्ती और जांच का माहौल रहता है, जिससे डर लगता है। लेकिन यहाँ फूल-मालाओं से हुए स्वागत ने उनके मन के तनाव को कम कर दिया। छात्रों के अनुसार, इस छोटे से प्रयास ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूती दी और वे शांत मन से अपने प्रश्न हल कर सके।

जिले भर में सराहना

सीएनडी हाई स्कूल की इस पहल की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है। शिक्षाविदों और अभिभावकों ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी और सराहनीय प्रयास बताया है। लोगों का कहना है कि अगर हर परीक्षा केंद्र पर ऐसा ही सकारात्मक माहौल मिले, तो छात्र बिना किसी भय के अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। यह घटना अन्य स्कूलों के लिए भी एक मिसाल बन गई है।

चंद्रशेखर की रिपोर्ट