कांवरिया पथ पर अपनों का सहारा बने सूचना केंद्र, बिछड़े श्रद्धालुओं को मिलाने में जुटा प्रशासन, लोगों के चेहरे पर लौट रही खुशी
Bihar News: श्रावणी मेला-2026 में बाबा धाम की यात्रा पर निकले कांवरियों के लिए बांका जिला प्रशासन के सूचना केंद्र किसी सहारे से कम साबित नहीं हो रहे हैं।
Banka: श्रावणी मेला-2026 में बाबा धाम की यात्रा पर निकले कांवरियों के लिए बांका जिला प्रशासन के सूचना केंद्र किसी सहारे से कम साबित नहीं हो रहे हैं। भीड़ में अपनों से बिछड़ने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये केंद्र उम्मीद की किरण बन गए हैं। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल के मार्गदर्शन में कांवरिया पथ पर बनाए गए 15 सूचना केंद्र लगातार बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों और साथियों से मिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इतना ही नहीं, यात्रा के दौरान मिले खोए सामान को भी उसके असली मालिक तक पहुंचाया जा रहा है।
जिलेबिया मोड़ सूचना केंद्र की तत्परता से समस्तीपुर के सरायरंजन थाना क्षेत्र स्थित गंगासारा गांव की शीला देवी अपने गांव के साथी हरिहर राम से मिल सकीं। दोनों यात्रा के दौरान बिछड़ गए थे। सूचना केंद्र को जानकारी मिलते ही कर्मियों ने तलाश शुरू की और काफी मशक्कत के बाद दोनों को खोज निकाला। अपनों से मिलते ही दोनों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ नजर आई।
इसी तरह सुग्गासार सूचना केंद्र ने नेपाल निवासी दुर्गा गोस्वामी को उनके परिजनों से मिलाने में अहम भूमिका निभाई। यात्रा के दौरान परिवार से बिछड़ने के बाद वह परेशान थीं। सूचना केंद्र कर्मियों ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर परिजनों की तलाश की और सुरक्षित मिलन कराया।
लंबी तलाश के बाद पत्नी और साथी से मिले दयानंद साह
जिलेबिया मोड़ कंट्रोल रूम में तैनात पदाधिकारियों और सूचना केंद्र कर्मियों की तत्परता का एक और उदाहरण सामने आया। रंजीता कुमारी के पति दयानंद साह अपने साथी जोनहार साह से बिछड़ गए थे। सूचना मिलते ही तलाश शुरू हुई और लंबे प्रयास के बाद दोनों को खोजकर उनके परिजनों एवं साथियों से मिला दिया गया। अपनों के बीच पहुंचने के बाद दयानंद साह ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कर्मियों के प्रति आभार जताया।
सुईया समेत कांवरिया पथ के अन्य सूचना केंद्र भी इसी तरह लगातार सक्रिय हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी परिजन या साथी के बिछड़ने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल नजदीकी सूचना केंद्र या कंट्रोल रूम से संपर्क करें। उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रशासन उन्हें अपनों तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।कांवरिया पथ पर यह व्यवस्था सिर्फ सूचना का केंद्र नहीं, बल्कि बिछड़े रिश्तों को फिर से जोड़ने वाला भरोसे का पुल बन गई है।
रिपोर्ट- चंद्रशेखर भगत