Bihar News : बांका में अवैध अस्पताल सील करने गई टीम पर हमला, सिविल सर्जन से की गयी हाथापाई की कोशिश, हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच सील हुआ अस्पताल
Bihar News : बांका जिले में अवैध एवं अनियमित रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान के दौरान शुक्रवार को खेसर बाजार में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला.....पढ़िए आगे
BANKA : बिहार के बांका जिले में अवैध एवं अनियमित रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे कड़े अभियान के दौरान शुक्रवार को खेसर बाजार में भारी हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम जब ‘श्री बांके बिहारी मेमोरियल हॉस्पिटल’ को सील करने पहुंची, तो अस्पताल प्रबंधन और उनके समर्थकों ने न केवल सरकारी कार्रवाई का कड़ा विरोध किया, बल्कि ऑन-ड्यूटी अधिकारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट और हाथापाई करने की भी कोशिश की।
पूरा मामला फुल्लीडुमर प्रखंड के खेसर बाजार का है। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम 2015 के तहत प्राप्त आदेशों के आलोक में जिला प्रशासन ने इस अस्पताल को सील करने का निर्देश जारी किया था। इसी आदेश के अनुपालन में 22 मई 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आफताब आलम के नेतृत्व में स्वास्थ्य प्रबंधक विकास कुमार, अंचल कार्यालय की प्रतिनिधि शमा प्रवीण, बीडीओ अमित प्रताप सिंह और पुलिस बल की विशेष टीम मौके पर पहुंची थी।
घटनाक्रम के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब प्रशासनिक टीम ने अस्पताल के प्रबंधक अशोक कुमार सिंह को सीलिंग का सरकारी नोटिस रिसीव करने के लिए कहा। प्रबंधक ने नोटिस लेने से साफ इनकार कर दिया और देखते ही देखते अपने 10-15 दबंग समर्थकों को वहां जुटा लिया। इन लोगों ने पूरी टीम को घेरकर गाली-गलौज शुरू कर दी और सरकारी कार्य में बाधा डाली। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब मौके पर पहुंचे प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार के साथ भी उग्र भीड़ ने हाथापाई की कोशिश की।
अस्पताल प्रबंधन के भारी विरोध, हंगामे और तनावपूर्ण माहौल के बावजूद प्रशासनिक टीम पीछे नहीं हटी। वरीय अधिकारियों के सख्त रुख और पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण अंततः ‘श्री बांके बिहारी मेमोरियल हॉस्पिटल’ को विधि-विधान के साथ सील कर दिया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही जब्ती सूची (सीजर लिस्ट) तैयार की और सील किए गए तालों की चाबी को अपने कब्जे में ले लिया।
इस हिंसक विरोध और अभद्रता को लेकर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आफताब आलम ने स्थानीय थाने में अस्पताल प्रबंधन और उनके सहयोगियों के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवकों पर हमला व दुर्व्यवहार की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इधर, जिला प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि बांका में बिना मानक और बिना अनुमति के चल रहे अवैध क्लीनिकों और नर्सिंग होम के खिलाफ यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
बांका से चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट