पटना में कलयुगी बेटे का बड़ा कांड: मां के बैंक खाते से ₹5 करोड़ का साइबर फ्रॉड,आरोपी फरार

पटना के पोस्टल पार्क में कलयुगी बेटे रितेश कुमार ने अपनी ही मां के सेविंग अकाउंट का इस्तेमाल कर ₹5 करोड़ का साइबर फ्रॉड कर डाला। HDFC बैंक मैनेजर की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस जांच में जुटी।

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पटना में कलयुगी बेटे का बड़ा कांड- फोटो : Reporter

बिहार में साइबर अपराधियों पर नकेल कसने की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन इसी बीच राजधानी पटना से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक कलयुगी बेटे ने अपनी ही मां के बैंक खाते को मोहरा बनाकर करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड को अंजाम दे डाला। शातिर आरोपी ने न सिर्फ विभिन्न बैंकों को चूना लगाया, बल्कि वारदात के बाद भारी-भरकम रकम लेकर फरार होने में भी कामयाब रहा। इस सनसनीखेज धोखाधड़ी के उजागर होने के बाद बैंकिंग सेक्टर और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।


HDFC बैंक मैनेजर की शिकायत पर पटना साइबर थाने में मामला दर्ज

इस बड़े साइबर घोटाले का खुलासा तब हुआ जब पटना के पोस्टल पार्क स्थित एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) शाखा के मैनेजर को खाते में हुए संदिग्ध ट्रांजेक्शन की भनक लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाखा प्रबंधक ने तुरंत पटना साइबर क्राइम थाने में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की पुष्टि करते हुए पटना साइबर थाना डीएसपी सह थानाध्यक्ष नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि बैंक मैनेजर से मिले आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान शुरू कर दिया है।


मां के सेविंग अकाउंट से ₹5 करोड़ की ठगी, मॉरीशस बैंक से भी उड़ाए पैसे

पुलिसिया जांच और बैंक रिकॉर्ड्स को खंगालने पर जो सच सामने आया, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। मुख्य आरोपी रितेश कुमार ने अपनी मां के सीधे-साधे सेविंग अकाउंट (बचत खाते) का इस्तेमाल कर इस पूरे फ्रॉड नेटवर्क को ऑपरेट किया। आरोपी रितेश ने अवैध और फर्जी तरीके से 'स्टेट बैंक ऑफ मॉरीशस' की ब्रांच से 1 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की। इसके अलावा, देश के अन्य कई प्रतिष्ठित बैंकों से भी लगभग 4 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड किया गया, जिससे कुल ठगी का आंकड़ा ₹5 करोड़ के पार पहुंच गया।


खाते में बचे सिर्फ ₹1926, बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच शुरू

जांच में यह भी पता चला है कि जिस मां के खाते से करोड़ों का खेल खेला गया, उसमें अब मात्र ₹1,926 की शेष राशि बची है। आरोपी रितेश कुमार बाकी के सारे पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर और निकालकर चंपत हो चुका है। साइबर थाना डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि चूंकि यह एक सामान्य सेविंग अकाउंट था, इसलिए इतनी बड़ी रकम के ट्रांजेक्शन पर बैंकों की क्या भूमिका रही और क्या कोई अंदरूनी मिलीभगत थी, इसकी भी गहनता से पड़ताल की जा रही है। फिलहाल, पुलिस आरोपी रितेश की गिरफ्तारी के लिए कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।

पटना से अनिल की रिपोर्ट