Sindoor Khela: बिहार में सिंदूर खेला की धूम, हजारों महिलाओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को दी विदाई
Sindoor Khela: माथे पर सिंदूर, चेहरे पर आस्था की चमक और आंखों में मां से बिछड़ने की नमी। कुछ ऐसा ही भावुक नजारा ...
Sindoor Khela: माथे पर सिंदूर, चेहरे पर आस्था की चमक और आंखों में मां से बिछड़ने की नमी। कुछ ऐसा ही भावुक नजारा बुधवार को बांका जिले के अमरपुर नगर पंचायत स्थित बड़ी दुर्गा स्थान और छोटी दुर्गा स्थान में देखने को मिला। विजयादशमी के पावन अवसर पर आयोजित पारंपरिक सिंदूर खेला में हजारों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और मां दुर्गा को नम आंखों से विदाई दी।
दोनों मंदिर परिसरों में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया। इसके बाद महिलाओं ने एक-दूसरे के माथे, गाल और मांग में सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की मंगलकामनाएं कीं। पूरा मंदिर परिसर सिंदूर के रंग में रंगा नजर आया।
आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का संगम
सिंदूर खेला के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मां दुर्गा की विदाई की बेला करीब आते ही माहौल भावुक हो गया। नौ दिनों तक मां की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना के साथ देवी को भावभीनी विदाई दी।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सिंदूर खेला सौभाग्य, प्रेम और पारिवारिक मंगल का प्रतीक है। यह परंपरा महिलाओं के बीच आत्मीयता, आपसी सम्मान और सामाजिक एकजुटता का संदेश भी देती है।
अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना
अमरपुर के दोनों प्रमुख दुर्गा स्थानों में हजारों महिलाओं की भागीदारी ने आयोजन को भव्य बना दिया। महिलाओं ने मां दुर्गा से अपने परिवार और समाज में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।मां की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम रहीं, लेकिन अगले वर्ष फिर मां के आगमन की उम्मीद ने उनके मन में नई उमंग भर दी। अमरपुर का सिंदूर खेला आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का यादगार उत्सव बन गया।
चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट