Republic Day 2026: आरएमके मैदान में लहराया तिरंगा, लोकतंत्र की शान में गूंजा बांका, 77वें गणतंत्र दिवस पर सत्ता, प्रशासन और अवाम एक मंच पर

Republic Day 2026: बांका जिले में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे शान-ओ-शौकत, जोश और राष्ट्रीय गौरव के साथ मनाया गया। शहर का ऐतिहासिक आरएमके मैदान इस मौके पर लोकतंत्र के जश्न और संविधान की ताक़त का गवाह बना।

लोकतंत्र की शान में गूंजा बांका- फोटो : reporter

Republic Day 2026: बांका जिले में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे शान-ओ-शौकत, जोश और राष्ट्रीय गौरव के साथ मनाया गया। शहर का ऐतिहासिक आरएमके मैदान इस मौके पर लोकतंत्र के जश्न और संविधान की ताक़त का गवाह बना। मुख्य समारोह में बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री सह प्रभारी मंत्री बांका संजय सिंह टाइगर ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज आसमान में लहराया, पूरा मैदान राष्ट्रगान और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।

ध्वजारोहण के बाद मंत्री संजय सिंह टाइगर ने अपने ख़िताब में बिहार सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और विकास कार्यों का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर पूरी तरह संकल्पित है। मंत्री ने यह भी दोहराया कि समाज के आख़िरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का फ़ायदा पहुंचाना ही सरकार की सियासी प्राथमिकता है।

समारोह के दौरान जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा समेत जिला प्रशासन के तमाम वरीय पदाधिकारियों ने परेड का निरीक्षण किया और जिला पुलिस बल को सलामी दी। परेड में अनुशासन, एकता और राष्ट्रभक्ति की झलक साफ़ दिखाई दी, जिसने लोकतांत्रिक व्यवस्था की मज़बूती का पैग़ाम दिया।

कार्यक्रम को रंगारंग बनाने में स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने खास भूमिका निभाई। देशभक्ति गीतों, नृत्य, कराटे प्रदर्शन और मानव श्रृंखला जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं विभिन्न विभागों की आकर्षक झांकियों ने सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को ज़मीन पर उतरे सच के तौर पर पेश किया। इन झांकियों के ज़रिये हुकूमत की नीतियों और अवाम के बीच सेतु बनता नज़र आया।

गणतंत्र दिवस समारोह में जिले के वरीय अधिकारी, पुलिस बल, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी तादाद में आम लोग मौजूद रहे। पूरा आरएमके मैदान देशभक्ति के रंग में रंगा रहा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और भव्य तरीके से संपन्न हुआ, जिसने बांका को लोकतंत्र और संविधान के प्रति अपनी अटूट आस्था का एक बार फिर एहसास कराया।
बांका से चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट