Bihar News: प्रशासन ने अस्पतालों को किया सील,मानकों पर खरे नहीं उतरे दो हॉस्पिटल
Bihar News: मानकों पर खरे नहीं उतरने के कारण दो हॉस्पिटल को प्रशासन ने सील कर दिया है।....
Bihar News: बेतिया के चर्च रोड स्थित नारायण हॉस्पिटल और उसके पुराने ब्रांच संजीवनी हॉस्पिटल पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासनिक टीम ने छापेमारी के बाद दोनों अस्पतालों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों को बेतिया GMCH भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।बताया जा रहा है कि दोनों अस्पताल कथित तौर पर निर्धारित चिकित्सा मानकों और जरूरी अनुमति के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे। प्रशासन की टीम को जांच के दौरान कई तरह की अनियमितताएं मिलने की बात सामने आई है। कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य महकमे और निजी अस्पताल संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है।मजिस्ट्रेट सह प्रखंड विकास पदाधिकारी पवन कुमार ठाकुर ने बताया कि वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार भीड़भाड़ वाले इलाके में संचालित इन अस्पतालों की व्यवस्था चिकित्सा मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
मजिस्ट्रेट सह प्रखंड विकास पदाधिकारी पवन कुमार ठाकुर ने बताया कि अस्पताल की जांच डॉक्टर शहाबुद्दीन, डॉक्टर जयप्रकाश और डॉक्टर मोहम्मद शानी की मौजूदगी में की गई। जांच के दौरान कथित तौर पर कई ऐसी कमियां सामने आईं, जिनके आधार पर अस्पताल को सील करने का निर्णय लिया गया।प्रशासन का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से जांच के दौरान जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई और अधिकारियों के सवालों का संतोषजनक जवाब देने के बजाय कथित तौर पर उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया गया।
कार्रवाई के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की। मरीजों को बेतिया GMCH भेजे जाने की बात कही गई है, ताकि इलाज प्रभावित न हो।प्रशासन के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन को करीब दो दिन पहले ही यह जानकारी दे दी गई थी कि संस्थान निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए भी कहा गया था।इसके बावजूद अस्पताल के संचालन को लेकर कार्रवाई की नौबत आई और अंततः दोनों अस्पतालों को सील कर दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि नारायण हॉस्पिटल पर पहले भी कई बार छापेमारी हो चुकी है और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसे पूर्व में सील किए जाने की कार्रवाई भी की गई थी।ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पिछली कार्रवाई के बावजूद अस्पताल दोबारा कैसे संचालित हो रहा था और इस बार की कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है।
रिपोर्ट- आशीष कुमार