Bihar Police News:बिहार में पुलिसिंग हुई डिजिटल,वेतन से रिचार्ज कराने को मजबूर पुलिस अधिकारी,भत्ते की उठी मांग

बिहार में डिजिटल पुलिसिंग और CCTNS-ICJS जैसे कार्यों का बोझ बढ़ने पर बिहार पुलिस एसोसिएशन ने पुलिस अधिकारियों के लिए निश्चित मासिक मोबाइल और डेटा भत्ते की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार अधिकारी जेब से रिचार्ज कराने को मजबूर हैं।

Police Internet Allowance Demand
बिहार में पुलिसिंग हुई डिजिटल, अधिकारियों को मिले मोबाइल-इंटरनेट भत्ता- फोटो : Reporter

बिहार में पुलिस व्यवस्था के आधुनिक और डिजिटल होते स्वरूप के बीच बिहार पुलिस एसोसिएशन ने पुलिस अधिकारियों के लिए एक अहम मांग उठाई है। एसोसिएशन ने पुलिस पदाधिकारियों को हर महीने निश्चित मोबाइल और डेटा भत्ता देने की सिफारिश की है। इस संबंध में पूर्णिया जिला शाखा ने प्रदेश अध्यक्ष को औपचारिक पत्र भेजा है, जिसमें बताया गया है कि इंटरनेट अब केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि दैनिक पुलिसिंग का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।


जांच और विभागीय ऐप्स के कारण बढ़ा डेटा का उपयोग

पूर्णिया जिलाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक राज कुमार चौधरी के अनुसार, अनुसंधान कार्य के दौरान अधिकारियों को लगातार हाई-स्पीड इंटरनेट की आवश्यकता होती है। घटनास्थल की वीडियोग्राफी, सीसीटीएनएस (CCTNS), आईसीजेएस (ICJS) और अन्य विभागीय मोबाइल ऐप्स के इस्तेमाल के लिए पर्याप्त डेटा होना जरूरी है। अक्सर अधिकारियों को मौके से ही फोटो, वीडियो और महत्वपूर्ण दस्तावेज तुरंत ऑनलाइन भेजने पड़ते हैं।


वेतन से रिचार्ज कराने की मजबूरी और आर्थिक बोझ

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत सरकार लैपटॉप और स्मार्टफोन के लिए प्रतिपूर्ति तो देती है, लेकिन नियमित रिचार्ज का प्रावधान नहीं है। इसके चलते 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को अपनी जेब यानी वेतन से ही मोबाइल रिचार्ज और इंटरनेट पैक का खर्च वहन करना पड़ रहा है। इसी आर्थिक बोझ को समाप्त करने के लिए मासिक भत्ते की मांग की गई है।


संगठनात्मक पुनर्गठन और नए मनोनयन का प्रस्ताव

भेजे गए पत्र में केवल भत्ते का ही मुद्दा नहीं, बल्कि संगठन से जुड़ी अन्य विभागीय मांगों को भी प्रदेश स्तर पर उठाने का अनुरोध किया गया है। इसमें संजीव पासवान को पूर्णिया जिला शाखा का उपाध्यक्ष-द्वितीय और सचिव पप्पू कुमार को क्षेत्रीय मंत्री पद पर मनोनीत करने की स्वीकृति मांगी गई है। एसोसिएशन का मानना है कि इस कदम से संगठन को नई मजबूती मिलेगी।


अधिकारियों को राहत और कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद

एसोसिएशन के अनुसार, अधिकारियों को बुनियादी डिजिटल सुविधाएं और निश्चित भत्ता मिलने से उनके काम करने की क्षमता में सुधार आएगा। जेब पर पड़ने वाला अतिरिक्त वित्तीय भार खत्म होने से पुलिसकर्मी अधिक मनोबल और कुशलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। इससे सीधे तौर पर पुलिस अनुसंधान और कानून-व्यवस्था की गुणवत्ता में बढ़ोतरी होगी।

धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट