Bihar News: VTR से निकला खूंखार जानवर, यूपी-बिहार सीमा पर तेंदुए की दस्तक से दहशत, खेतों में लाठी-डंडे लेकर उतर रहे किसान

Bihar News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से भटककर निकला एक तेंदुआ इन दिनों यूपी-बिहार सीमा पर दहशत का पर्याय बन गया है।...

तेंदुए की दस्तक से दहशत- फोटो : social Media

Bihar News:पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से भटककर निकला एक तेंदुआ इन दिनों यूपी-बिहार सीमा पर दहशत का पर्याय बन गया है। पिपरासी प्रखंड और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में उसकी मौजूदगी से ग्रामीणों के बीच खौफ का माहौल है। खेतों में काम करने जाने वाले किसान अब अकेले निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं और समूह बनाकर खेतों की ओर जा रहे हैं।

सोमवार सुबह पिपरासी क्षेत्र के किसान संदीप कुशवाहा, शंभू कुशवाहा समेत कई ग्रामीण जब अपने गन्ने के खेतों में यूरिया डालने पहुंचे तो वहां तेंदुए के ताजा पगचिह्न देखकर उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों का दावा है कि तेंदुआ अभी भी उसी इलाके में सक्रिय है और शिकार की तलाश में खेतों तथा झाड़ियों के आसपास मंडरा रहा है।

तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि उस समय हुई जब उसने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जटहा बाजार थाना क्षेत्र के कटाई भरपूरवा सरेह में एक हिरण का शिकार कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हिरण के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इस घटना के बाद इलाके में भय और बढ़ गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि खेती-बाड़ी का काम छोड़ना संभव नहीं है, इसलिए अब वे चार-पांच लोगों की टोली बनाकर खेतों में जा रहे हैं। आत्मरक्षा के लिए कई किसान अपने साथ लाठी, डंडे और अन्य पारंपरिक साधन भी रख रहे हैं। हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जंगली जानवर को घेरने या उकसाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है।

तेंदुए की लगातार गतिविधियों ने प्रशासन और वन विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद लोग वन विभाग की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि तेंदुए की लोकेशन ट्रैक कर उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजा जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी और बिहार के वन अधिकारियों को संयुक्त अभियान चलाकर तेंदुए की निगरानी करनी चाहिए। फिलहाल सीमावर्ती गांवों में लोग सतर्क हैं और हर सरसराहट पर उनकी निगाहें टिकी हुई हैं। खेतों में फैली खामोशी के बीच तेंदुए की मौजूदगी ने पूरे इलाके की दिनचर्या बदल दी है।