Bihar Flood: बांध में कटाव से मचा हड़कंप, दो मंत्रियों के गृह क्षेत्र से जुड़ा है इलाका, सैंडबैग से बचाव में जुटी टीम

har Flood:गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में बांध कटने की घटना से हड़कंप मच गया है।

बांध में कटाव से मचा हड़कंप- फोटो : reporter

Bihar Flood:गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में बांध कटने की घटना से हड़कंप मच गया है। राघोपुर बहत्रा के समीप महादेवपुर घाट के पास देर रात करीब ढाई बजे लगभग 60 मीटर बांध के कटने की सूचना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम पूरी तरह मुस्तैद हो गई और मौके पर बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण इलाके में पहले से ही पानी का दबाव बना हुआ है। ऐसे में बांध के बड़े हिस्से में कटाव की खबर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई। हालांकि जल संसाधन विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और कटाव को नियंत्रित करने के लिए युद्धस्तर पर काम किए जाने की बात कही गई है।

24 घंटे निगरानी, कटाव रोकने में जुटी टीम

जल संसाधन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट पर हैं। विभागीय टीम लगातार कटाव स्थल का निरीक्षण कर रही है और पानी के दबाव को कम करने के लिए जरूरी सुरक्षा एवं बचाव उपाय किए जा रहे हैं।कटाव प्रभावित हिस्से को और कमजोर होने से बचाने के लिए विभाग की ओर से सैंडबैग, एनसी बैग, बॉम्बे रोल, झाड़ी और अन्य आवश्यक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन सामग्रियों को कटाव वाले हिस्से पर लगाकर पानी की तेज धार और दबाव को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।विभाग की प्राथमिकता फिलहाल आगे के कटाव को रोकना और बांध को सुरक्षित रखना है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि पानी का दबाव बढ़ने या कटाव के और फैलने की स्थिति में तत्काल कदम उठाया जा सके।

दो मंत्रियों के गृह क्षेत्र से जुड़ा इलाका

राघोपुर क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का घर बताया जाता है। वहीं पथ निर्माण विभाग के मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र का घर भी बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में है।ऐसे में दोनों मंत्रियों के गृह क्षेत्र से जुड़े इलाके में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बांध कटने की घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों की निगाह अब प्रशासन और जल संसाधन विभाग की तैयारियों पर टिकी हुई है।गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बांध पर पानी का दबाव बना हुआ है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों और कर्मियों की लगातार मौजूदगी इलाके के लोगों के लिए राहत की बात है। टीम दिन-रात मौके पर रहकर कटाव की स्थिति का जायजा ले रही है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी कर रही है।

आगे कटाव रोकना सबसे बड़ी चुनौती

फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कटाव को आगे बढ़ने से रोकना है। यदि पानी का दबाव इसी तरह बना रहता है तो कमजोर हिस्सों पर खतरा बढ़ सकता है। इसलिए विभाग की ओर से लगातार बचाव सामग्री पहुंचाकर बांध को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों के बीच भी बांध कटने की खबर के बाद बेचैनी का माहौल है। हालांकि विभाग की सक्रियता और मौके पर चल रहे बचाव कार्य से फिलहाल लोगों को कुछ राहत मिली है।अब आने वाले घंटों में गंगा के जलस्तर और कटाव की स्थिति पर सबकी नजर रहेगी। विभागीय टीम लगातार निगरानी कर रही है और दावा है कि बांध को सुरक्षित रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।

रिपोर्ट- बालमुकुंद कुमार