Bihar News : भागलपुर में गंगा नदी में डूबने से 8 वर्षीय मासूम की हुई मौत, परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

Bihar News : भागलपुर में गंगा नदी में डूबने से 8 वर्षीय मासूम की मौत हो गयी. इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है......पढ़िए आगे

मासूम की डूबने से मौत - फोटो : BALMUKUND

BHAGALPUR : जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत रजंदीपुर (वार्ड 7) में एक मासूम बच्ची की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। सिकेंद्र मंडल की 8 वर्षीय पुत्री शिवानी कुमारी की गंगा नदी में डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गई। यह घटना उस समय हुई जब मासूम शिवानी अपनी बड़ी मां के साथ गंगा किनारे गई थी। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय ग्रामीणों में गहरा शोक व्याप्त है।

घटना के पीछे की विडंबना यह है कि घर में शौचालय का अभाव होने के कारण बच्ची को गंगा घाट की ओर जाना पड़ा। मृत बच्ची के पड़ोसी भाई नंदकिशोर कुमार ने बताया कि शिवानी घाट किनारे हाथ धोने के लिए गई थी, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई। माता-पिता के साये से पहले ही वंचित शिवानी अपनी बड़ी मां के संरक्षण में रह रही थी, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।

हादसे के वक्त मौके पर किसी पेशेवर तैराक की उपलब्धता न होना भी बच्ची के लिए काल बन गया। बताया जा रहा है कि शिवानी के डूबने के लगभग 20 मिनट बाद स्थानीय लोगों के प्रयास से उसे पानी से बाहर निकाला जा सका। जब उसे निकाला गया, तब वह करीब 17 फीट गहरे जल के अंदर थी। आनन-फानन में उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं।

सूचना मिलते ही सबौर थाना पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में अग्रतर कार्रवाई की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर शौचालयों की कमी और उससे होने वाले खतरों की ओर प्रशासन का ध्यान खींचा है।

शिवानी की मौत के बाद रजंदीपुर गांव में मातम पसरा है। बिना माता-पिता की इस बच्ची की ऐसी असमय और दर्दनाक मृत्यु ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। परिजन और ग्रामीण सरकार से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और गांव में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई और मासूम इस तरह के हादसे का शिकार न बने। 

बालमुकुन्द की रिपोर्ट