साइबर अपराधियों पर कड़ा 'प्रहार': 21 जुलाई को पूरे राज्य में मनाया जाएगा 'साइबर मंगलवार', CS और DGP ने दिए सख्त निर्देश

साइबर ठगी के बदलते तरीकों और अपराधियों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए बिहार पुलिस ने एक बड़ी रणनीति बनाई है. डिजिटल सुरक्षा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आगामी 21 जुलाई 2026 को संपूर्ण बिहार में “साइबर मंगलवार” के रूप में मनाया जाएगा...

साइबर अपराधियों पर कड़ा 'प्रहार- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

Bhagalpur : बिहार में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम, त्वरित कानूनी कार्रवाई और आम नागरिकों को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बिहार के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक (DGP) की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस राज्यव्यापी बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM), वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), पुलिस अधीक्षक (SP) और साइबर सेल के डीएसपी शामिल हुए. बैठक में साइबर ठगी के बदलते तरीकों और अपराधियों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने की रणनीतियों पर गहन मंथन किया गया.


"ऑपरेशन साइबर प्रहार" को मिशन मोड में चलाने का आदेश

बैठक के दौरान बिहार पुलिस द्वारा विशेष रूप से चलाए जा रहे “ऑपरेशन साइबर प्रहार” की विस्तृत समीक्षा की गई. मुख्य सचिव और डीजीपी ने सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश दिया कि इस अभियान को पूरी तरह 'मिशन मोड' में संचालित किया जाए. इसके तहत साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे फर्जी बैंक खातों (फिशिंग अकाउंट्स) और अवैध मोबाइल नंबरों को तुरंत ब्लॉक करने, तकनीकी विश्लेषण को मजबूत करने और अंतरराज्यीय समन्वय के जरिए अपराधियों के पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने पर विशेष बल दिया गया. अधिकारियों को दो टूक कहा गया कि साइबर मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को जेल भेजा जाए.


21 जुलाई को पूरे बिहार में मनेगा "साइबर मंगलवार"

डिजिटल सुरक्षा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस बैठक में एक बड़ा और अनूठा निर्णय लिया गया है. आगामी 21 जुलाई 2026 को संपूर्ण बिहार में “साइबर मंगलवार” के रूप में मनाया जाएगा. इस विशेष दिन पर राज्य के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे. इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, सरकारी कार्यालयों, हाट-बाजारों और बैंक शाखाओं में विशेष जागरूकता रैलियां, कार्यशालाएं और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जा सके.


हेल्पलाइन नंबर '1930' को लेकर नागरिकों को किया जाएगा जागरूक

“साइबर मंगलवार” अभियान के दौरान आम जनता को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन (Safe Digital Transactions) करने के गुर सिखाए जाएंगे. इसके साथ ही, यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तत्काल राहत दिलाने के लिए केंद्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) के प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से जागरूक किया जाएगा. डीजीपी ने सभी साइबर इकाइयों को निर्देश दिया कि इन हेल्पलाइनों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि पीड़ित समय रहते अपनी शिकायत दर्ज करा सकें.


जागरूकता से ही रुकेगा साइबर अपराध: जिला प्रशासन को मिले निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि साइबर अपराध की चुनौती से केवल पुलिस बल के भरोसे नहीं निपटा जा सकता, इसके लिए जन-जागरूकता सबसे अचूक हथियार है. उन्होंने शिक्षा विभाग, अग्रणी बैंकिंग संस्थानों, पंचायती राज संस्थाओं और जीविका जैसे स्वयं सहायता समूहों को इस अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया. बैठक के अंत में सभी जिलों को हिदायत दी गई कि वे “रोकथाम, त्वरित कार्रवाई एवं व्यापक जन-जागरूकता” की त्रि-स्तरीय रणनीति को धरातल पर उतारकर 'साइबर सुरक्षित बिहार' के संकल्प को साकार करें.


बालमुकुंद की रिपोर्ट