बिहार में गिग वर्कर्स को लेकर बड़ा फैसला'! आईजी का वो फरमान जिसने कंपनियों की उड़ा दी नींद, अब चप्पे-चप्पे पर होगी पुलिस की नजर

डिलीवरी कंपनियों और गिग वर्कर्स के लिए सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। अब बिना चरित्र प्रमाण पत्र के काम करना या वर्कर को रखना महंगा पड़ेगा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है।

Bhagalpur - बिहार के भागलपुर रेंज में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आईजी विवेक कुमार ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब जिले में कार्यरत सभी गिग वर्कर्स, जैसे डिलीवरी बॉय और राइडर्स के लिए पुलिस सत्यापन (Police Verification) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत, किसी भी कंपनी या संस्था को किसी नए वर्कर को काम पर रखने से पहले उसका चरित्र सत्यापन सुनिश्चित करना होगा。

हो सकती है कार्रवाई

प्रशासन की ओर से कंपनियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहाँ कार्यरत कर्मियों की सुरक्षा प्रोफाइल को गंभीरता से लें。 जो गिग वर्कर पहले से विभिन्न कंपनियों में अपनी सेवा दे रहे हैं, उन्हें भी राहत नहीं दी गई है。 उन सभी पुराने वर्करों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर अपना आचरण प्रमाण पत्र (Character Certificate) कंपनी को जमा करना होगा。 यदि कोई वर्कर ऐसा करने में विफल रहता है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है。

बिहार के सभी जिलों में जारी हुआ आदेश

भागलपुर के आईजी विवेक कुमार ने इस संबंध में बताया कि सभी जिलों में गिग वर्कर्स के चरित्र का सत्यापन व्यापक स्तर पर शुरू करवा दिया गया है। उन्होंने संस्था के मालिकों और संचालकों को कड़े शब्दों में निर्देश दिया है कि वे अपने वर्कर्स की पूरी सूची पुलिस को उपलब्ध कराएं। आईजी का मानना है कि इस प्रक्रिया से न केवल अपराध पर नियंत्रण लगेगा, बल्कि आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव भी बढ़ेगा।

गिग  वर्कर्स को होगा फायदा

यह नियम केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से आकर बिहार में काम करने वाले गिग वर्कर्स पर भी समान रूप से लागू होगा। आईजी ने बताया कि दूसरे राज्यों की पुलिस से आने वाले वेरिफिकेशन अनुरोधों और रिपोर्टों पर भी त्वरित कार्रवाई की जा रही है। जैसे ही बाहरी राज्यों से किसी वर्कर का सत्यापन रिकॉर्ड प्राप्त होता है, उसे तुरंत प्रक्रिया में लाकर संबंधित विभाग को भेजा जा रहा है।

पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजी विवेक कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई कंपनी बिना पुलिस सत्यापन के गिग वर्कर्स को नियुक्त करती है, तो उस पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कदम के बाद अब भागलपुर सहित पूरे प्रमंडल में डिलीवरी और राइडिंग सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के बीच हड़कंप मच गया है