Bihar Crime : भागलपुर में बेख़ौफ़ बदमाशों का दुस्साहस, थाना के सामने कार्यालय में घुसकर की बिल्डर की हत्या, इलाके में फैली सनसनी

Bihar Crime : भागलपुर में थाना के ठीक सामने स्थित एक भवन में मशहूर बिल्डर बजरंगी कुमार की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फ़ैल गयी है......पढ़िए आगे

बिल्डर की हत्या - फोटो : BALMUKUND

BHAGALPUR : भागलपुर में अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस को खुली चुनौती देते हुए तिलकामांझी थाना के ठीक सामने स्थित एक भवन में बिल्डर बजरंगी कुमार की धारदार हथियार से हत्या कर दी। उनका खून से लथपथ शव उनके कार्यालय के अंदर बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि हत्या थाना के ठीक सामने हुई है।

परिजनों के अनुसार, बजरंगी कुमार मंगलवार रात घर नहीं लौटे थे। प्रतिदिन की तरह उन्हें बुधवार सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने जाना था, लेकिन जब वे घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस उनके कार्यालय पहुंची, जहां बाहर से ताला बंद मिला। ताला तोड़कर जब पुलिस अंदर दाखिल हुई तो बजरंगी कुमार का शव खून से लथपथ अवस्था में पड़ा मिला। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी।

घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई वार के निशान मिले हैं। एफएसएल की टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है, जबकि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। एसएसपी ने बताया कि फुटेज में कुछ संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। परिजनों ने बताया कि बजरंगी कुमार लंबे समय से बिल्डर का कार्य कर रहे थे। वे कभी-कभी फोन पर किसी से तीखी बहस करते थे, लेकिन उनकी हत्या किसने और किस कारण से की, इसकी कोई जानकारी परिवार को नहीं है।

फिलहाल इस सनसनीखेज हत्याकांड ने भागलपुर पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब थाना के ठीक सामने इस तरह की वारदात हो सकती है, तो आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस हत्याकांड का खुलासा कब तक होता है और आरोपी कब तक कानून के शिकंजे में आते हैं।

बालमुकुन्द की रिपोर्ट