Bhagalpur News : इस्माइलपुर CHC के पूर्व प्रभारी पर गहराया विवाद, अस्पताल के कमरों में ताला जड़कर हुए फरार
Bhagalpur News : भागलपुर जिले के इस्माइलपुर CHC के पूर्व प्रभारी पर विवाद गहराने लगा है. पूर्व प्रभारी फिलहाल अस्पताल के तीन कमरों में ताला जड़कर फरार हो गए हैं......पढ़िए आगे
Bhagalpur : जिले के इस्माइलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में वित्तीय अनियमितता और प्रताड़ना के आरोपों से घिरा मामला अब और भी तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व प्रभारी डॉ. राकेश रंजन कुमार पर लगे गंभीर आरोपों के बीच अब एक नया खुलासा हुआ है कि उन्होंने स्थानांतरण के बावजूद अस्पताल के तीन कमरों पर कब्जा जमा रखा है। जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन कुमार मंडल के हस्तक्षेप और सिविल सर्जन के आदेश के बाद उनका तबादला गोपालपुर कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने अस्पताल के कमरों को खाली करने के बजाय उनमें अपना सामान बंद कर ताला लगा दिया है।
अस्पताल की व्यवस्था ठप, सिविल सर्जन ने दिए जांच के आदेश
डॉ. राकेश रंजन द्वारा अस्पताल के महत्वपूर्ण कमरों में ताला लगा दिए जाने के कारण स्वास्थ्य केंद्र की दैनिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए वर्तमान सिविल सर्जन अशोक प्रसाद ने स्पष्ट किया कि उन्हें कमरों में ताला लगाए जाने की जानकारी पहले नहीं दी गई थी। उन्होंने अब इस प्रकरण को भी चल रही आधिकारिक जांच के दायरे में शामिल कर लिया है। सिविल सर्जन का कहना है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले को मुख्यालय भेजा जाएगा और आरोपी चिकित्सक के विरुद्ध सख्त विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
आदेशों की अवहेलना: पूर्व सीएस के निर्देश को भी किया दरकिनार
यह पहला मौका नहीं है जब डॉ. राकेश रंजन को आवास खाली करने का निर्देश दिया गया हो। इससे पूर्व तत्कालीन सिविल सर्जन उमेश कुमार ने भी उन्हें अस्पताल परिसर स्थित आवास खाली करने का लिखित अल्टीमेटम दिया था। इसके बावजूद, डॉ. रंजन ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए न तो कमरा खाली किया और न ही प्रशासन को चाबियां सौंपी। वर्तमान में गोपालपुर में योगदान देने के बाद भी उनका निजी सामान और परिवार का हस्तक्षेप इस्माइलपुर CHC के संसाधनों पर बना हुआ है, जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
अलमारी कांड: चोरी पकड़े जाने पर नई अलमारियां भेजने का आरोप
जांच का एक मुख्य सिरा 'अलमारी प्रकरण' से भी जुड़ा है। आरोप है कि बीते 14 तारीख को तत्कालीन प्रभारी ने CHC की सरकारी अलमारी को चुपके से अपनी पुत्री के घर भेज दिया था। स्थानीय मीडिया में खबर आने और प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने के बाद, मामले को रफा-दफा करने की नीयत से डॉ. राकेश रंजन ने आनन-फानन में दो नई अलमारियां खरीदीं और उन्हें 27 तारीख को परवत्ता उप-स्वास्थ्य केंद्र भिजवा दिया। इस कदम को साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और अपनी गलती छुपाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
दो टीमें कर रही हैं पड़ताल, विभाग में मचा हड़कंप
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया है। पहली टीम ने ऑपरेटर द्वारा लगाए गए शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना के आरोपों की जांच पूरी कर ली है, जबकि दूसरी टीम वित्तीय गबन और अलमारी चोरी के दावों की सूक्ष्मता से पड़ताल कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के इन आरोपों पर विभाग क्या दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
बालमुकुन्द की रिपोर्ट