भरत तिवारी की मौत पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने उठाया सवाल : उच्च स्तरीय जांच के लिए गृह मंत्री को लिखा पत्र, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की
भोजपुर जिले के भरत तिवारी की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है.पहले बिहार के शिक्षा मंत्री ने इस मामले पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। वहीं अब पूर्व केन्द्रीय मंत्री अश्विन चौबे ने इस मामले पर सवाल खड़े किए है...
Bhagalpur : पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार चौबे ने भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव निवासी नवयुवक स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस घटना को अत्यंत हृदयविदारक और लोकतांत्रिक मूल्यों को शर्मसार करने वाला बताते हुए कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
आत्मसमर्पण के बाद कानून की अनदेखी पर उठाए गंभीर सवाल
भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार चौबे ने जारी बयान में कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो और मिल रही जानकारियों के आधार पर कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने पूछा कि यदि भरत तिवारी ने पहले ही आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया था, तो उसके साथ कानून सम्मत और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में किसी भी परिस्थिति में हिंसा फैलाने या कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती है. हर नागरिक को न्यायपूर्ण सुनवाई का पूरा अधिकार है.
केंद्रीय गृह मंत्री से हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने देश के गृह मंत्री से इस घटना का तुरंत संज्ञान लेने का आग्रह किया है. उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार इस मामले में एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच का आदेश जारी करे. अश्विनी चौबे ने साफ तौर पर कहा कि यदि इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध पाई जाती है, तो बिना किसी ढिलाई के दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए.
बिहार सरकार से पारदर्शी जांच की अपील, कानून के राज की वकालत
उन्होंने बिहार सरकार से भी पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने की मांग की है ताकि सच पूरी तरह से जनता के सामने आ सके और समाज में कोई गलत संदेश न जाए. उन्होंने जोर देकर कहा कि सूबे में 'कानून का राज' तभी स्थापित रह सकता है, जब अपराध करने वाला व्यक्ति चाहे कितने भी रसूखदार या बड़े पद पर क्यों न बैठा हो, उसके खिलाफ पूरी निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की जाए.
न्यायिक प्रक्रिया से इतर व्यवहार आम जनता के विश्वास पर चोट
अश्विनी कुमार चौबे ने युवा पीढ़ी को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि युवाओं को अपराध के रास्ते से दूर रखना और उन्हें न्यायपूर्ण व्यवस्था पर भरोसा दिलाना सरकार के साथ-साथ समाज की भी बड़ी जिम्मेदारी है. किसी भी व्यक्ति के साथ न्यायिक प्रक्रिया से हटकर किया गया व्यवहार न केवल कानून के शासन को कमजोर करता है, बल्कि देश के आम जनमानस के भीतर व्यवस्था के प्रति विश्वास को भी पूरी तरह हिलाकर रख देता है.
22 जून को पीड़ित परिवार से मिलने बिलौटी गांव जाएंगे अश्विनी चौबे
भाजपा नेता ने जानकारी दी कि वर्तमान में क्षेत्र से बाहर होने के कारण वे आगामी 22 जून 2026 को भोजपुर के बिलौटी गांव का दौरा करेंगे. वहाँ पहुंचकर वे स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात करेंगे और अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करेंगे. बयान के अंत में उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और पीड़ित परिवार को इस अपार दुःख की घड़ी को सहन करने की शक्ति देने की कामना की.
अंजनी की रिपोर्ट