भागलपुर में सड़क हादसों का कहर: दो अलग-अलग दुर्घटना में एक की मौत, दो गंभीर रुप से घायल
भागलपुर जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को एकबार फिर जिले में रफ्तार ने एक युवक की जान ले ली, जबकि दो लोग गंभीर रुप से घायल हो गए...
Bhagalpur : जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के शाहकुंड और नवगछिया जीरोमाइल में हुई दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में एक 18 वर्षीय युवक की जान चली गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
शाहकुंड में दर्दनाक हादसा: 18 वर्षीय अमीर की मौत, मोहन घायल
शाहकुंड के जगड़िया मोड़ के पास एक अनियंत्रित ट्रक और बाइक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार 18 वर्षीय अमीर कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, 24 वर्षीय मोहन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही ZENPLUS PVT LTD की 102 एंबुलेंस टीम (EMT अभिषेक कुमार एवं चालक ऋषि कुमार) ने मौके पर पहुँचकर घायल मोहन कुमार को जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) पहुँचाया।
नवगछिया जीरोमाइल में ट्रक और सीएनजी टेंपो की टक्कर
दूसरी घटना नवगछिया जीरोमाइल के पास घटित हुई, जहाँ एक ट्रक और सीएनजी (CNG) ऑटो-टेंपो के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। इस हादसे में 27 वर्षीय बाबूलाल कुमार यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। 102 एंबुलेंस के EMT गौरव कुमार और चालक लाल बहादुर दास ने उन्हें रेस्क्यू कर नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए पूर्णिया रेफर कर दिया गया।
102 एंबुलेंस की तत्परता सराही गई, परिवहन विभाग पर उठे सवाल
दोनों हादसों के बाद जिला एंबुलेंस क्लस्टर लीडर मुकेश रजक के मार्गदर्शन में 102 एंबुलेंस सेवा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों की जान बचाने का प्रयास किया। हालाँकि, स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों ने जिले में जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और मोटरयान निरीक्षक (MVI) की कार्यशैली तथा सड़क सुरक्षा तंत्र की निष्क्रियता पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
दुर्घटना रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की माँग
सड़कों पर ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार, और बिना फिटनेस दौड़ रहे व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ केवल खानापूर्ति के लिए चालान काटने के बजाय दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान कर वहाँ स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग उठ रही है।
बालमुकुंद की रिपोर्ट