रंगदारी नहीं देने पर हत्या! प्रशासन पर बरसे पप्पू यादव, कहा- 2 मिनट में एनकाउंटर हो

Bihar Crime: अपराधियों द्वारा कथित रूप से रंगदारी नहीं देने पर युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है।...

हत्याकांड पर गरजे पप्पू यादव- फोटो : reporter

Bihar Crime: अपराधियों द्वारा कथित रूप से रंगदारी नहीं देने पर युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है। नवगछिया पुलिस जिला के खरीक थाना क्षेत्र स्थित मोदी टोला गांव में हुए कन्हैया मोदी हत्याकांड ने अब सियासी रंग पकड़ लिया है। अपराधियों द्वारा कथित रूप से रंगदारी नहीं देने पर युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है। इस घटना को लेकर पप्पू यादव खुद पीड़ित परिवार से मिलने खरीक पहुंचे और प्रशासन से लेकर स्थानीय नेताओं तक पर जमकर हमला बोला। सांसद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और मौके से ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फोन कर त्वरित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि पूरे इलाके में अपराधियों का आतंक बढ़ता जा रहा है।

पप्पू यादव ने दो टूक कहा कि “दो-दो मंत्री बनने के बाद भी इलाके की कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल है।” उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे खुलेआम धमकी देकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। सांसद ने यहां तक कह दिया कि “ऐसे अपराधियों का दो मिनट में एनकाउंटर होना चाहिए।” उन्होंने खरीक बाजार और आसपास के इलाकों की स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यहां गरीब और मध्यम वर्ग के लोग सबसे ज्यादा भय में जी रहे हैं। सांसद के मुताबिक अपराधियों को जातीय और राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण उनका हौसला लगातार बढ़ रहा है। भागलपुर जाने की बात कहते हुए पप्पू यादव ने आईजी से मुलाकात कर मामले में स्पीडी ट्रायल की मांग करने की घोषणा की। उन्होंने हाल की कई घटनाओं  बच्ची से दुष्कर्म, गरीब परिवार के बच्चे की हत्या और अब मोमोज बेचने वाले युवक की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में गरीब सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहा है।

सांसद ने राजनीति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो नेता जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगते हैं, वे ऐसे मामलों में चुप्पी साध लेते हैं। खरीक की यह घटना अब केवल एक हत्या नहीं, बल्कि बिहार की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन चुकी है।

रिपोर्ट- अंजनी कुमार कश्यप