Bihar News : भागलपुर में एक शख्स के निजी आवास से सरकारी दस्तावेज पुलिस ने किया बरामद, गोपालपुर अंचल में मची खलबली

Bihar News : भागलपुर में एक व्यक्ति के घर से सरकारी दस्तावेज बरामद किया गया है. इस घटना के बाद गोपालपुर अंचल में खलबली मच गयी है......पढ़िए आगे

सरकारी दस्तावेज बरामद - फोटो : BALMUKUND

BHAGALPUR : जिले के गोपालपुर अंचल से सरकारी अभिलेखों के गायब होने की चर्चाओं के बीच सोमवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल ने धरहरा गांव स्थित एक व्यक्ति के निजी आवास पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान घर से अंचल कार्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिसके बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

निजी घर में क्या कर रहे थे सरकारी फाइलें?

छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों को पुलिस ने तुरंत अपने संरक्षण में लेकर अनुमंडल कार्यालय को सौंप दिया है। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि ये दस्तावेज राजस्व और जमीन संबंधी विवादों से जुड़े हो सकते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अति-संवेदनशील सरकारी रिकॉर्ड अंचल कार्यालय की सुरक्षित अलमारियों से निकलकर किसी के निजी बेडरूम तक कैसे पहुंच गए? क्या यह महज लापरवाही है या इसके पीछे जमीन माफियाओं के साथ मिलीभगत का कोई बड़ा खेल है?

दाखिल-खारिज और वायरल ऑडियो का कनेक्शन

गोपालपुर अंचल कार्यालय पिछले कुछ समय से म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के मामलों को लेकर विवादों के घेरे में है। चर्चा है कि एक ही महीने के भीतर दो बार नालिशी वाद दायर किए गए हैं। इसी बीच, अंचलाधिकारी (CO) के चालक और एक पीड़ित के बीच कथित लेन-देन से जुड़ा एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोग इस छापेमारी और बरामदगी को इसी भ्रष्टाचार की कड़ी से जोड़कर देख रहे हैं।

अधिकारियों की चुप्पी और 'नो कमेंट्स'

हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी बरामदगी के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। गोपालपुर के अंचलाधिकारी रोशन कुमार और वरीय उपसमाहर्ता ने फोन रिसीव नहीं किया, जबकि नवगाछिया के अनुमंडल पदाधिकारी ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, जिसमें खबरों के प्रकाशन से पूर्व आधिकारिक पक्ष लेने की बात कही गई है, प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं किया गया है।

जांच के घेरे में अंचल के कर्मचारी

वर्तमान में पूरे मामले की जांच प्रशासनिक स्तर पर जारी है। सूत्रों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों की सूची तैयार की जा रही है और यह मिलान किया जा रहा है कि अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड रूम से कितनी फाइलें गायब हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस गिरोह में अंचल के कौन-कौन से कर्मचारी या बिचौलिए शामिल हैं। फिलहाल, पूरा इलाका इस प्रशासनिक छापेमारी और इसके संभावित नतीजों को लेकर चर्चाओं से गर्म है। 

बालमुकुन्द की रिपोर्ट