Bihar News : भागलपुर में जमीन विवाद में प्रॉपर्टी डीलर श्याम साह की हत्या का खुलासा, गोतिया भाई ने ही दी थी 5 लाख की सुपारी, 3 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Bihar News : भागलपुर में प्रॉपर्टी डीलर श्याम साह की हत्या कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि महीनों से तैयार की जा रही एक सुनियोजित और खौफनाक साजिश का परिणाम थी....पढ़िए आगे

प्रॉपर्टी डीलर की हत्या - फोटो : ANJANI

BHAGALPUR : जमीन विवाद की आग आखिरकार खून-खराबे में तब्दील हो गई। गोपालपुर थाना क्षेत्र के पोखरिया चौक पर तीन जून की रात प्रॉपर्टी डीलर श्याम साह की हत्या कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि महीनों से तैयार की जा रही सुनियोजित साजिश का परिणाम थी। नवगछिया पुलिस की जांच में सामने आया है कि पारिवारिक जमीन विवाद और वर्चस्व की लड़ाई ने रिश्तों को इस कदर जहरीला बना दिया कि गोतिया भाइयों ने ही श्याम साह को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। करीब नौ दिनों तक चली जांच, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस ने हत्या के इस हाई-प्रोफाइल मामले का उद्भेदन करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस जांच में खुली साजिश की परतें

नवगछिया एसपी वैभव शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि हत्या के पीछे मुख्य साजिशकर्ता मणिकांत साह है, जिसने अपने सहयोगियों सुधांशु कुमार और अभिषेक उर्फ बमबम कुमार के साथ मिलकर श्याम साह की हत्या की योजना बनाई थी। जांच में पता चला कि श्याम साह और मणिकांत साह के परिवार के बीच वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार मणिकांत के पिता बालेश्वर साह और श्याम साह के बीच भी इसी जमीन को लेकर तनाव था। बालेश्वर साह की मृत्यु के बाद मणिकांत के मन में श्याम साह के प्रति गहरी दुश्मनी और भय पैदा हो गया था। यही दुश्मनी आगे चलकर हत्या की साजिश में बदल गई।

पहला प्रयास विफल, दूसरे प्रयास में उतारा मौत के घाट

एसपी के अनुसार हत्या की योजना कई महीनों से बन रही थी। तीन जून से पहले भी श्याम साह की हत्या का प्रयास किया गया था, लेकिन अपराधी अपने मकसद में सफल नहीं हो सके। इसके बाद आरोपियों ने दोबारा योजना बनाई और तीन जून की रात पोखरिया चौक के समीप श्याम साह को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। जांच में खुलासा हुआ है कि सुधांशु कुमार ने लाइनर की भूमिका निभाई थी। वह लगातार श्याम साह की गतिविधियों पर नजर रख रहा था और जैसे ही श्याम साह घर से निकले, उसने शूटरों को उनकी लोकेशन उपलब्ध करा दी। इसके बाद बाइक सवार अपराधियों ने घात लगाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में भवानीपुर थाना क्षेत्र के मनोहरपुर निवासी गुड्डू कुमार को गिरफ्तार किया है, जो हत्या में शामिल शूटरों में से एक बताया जा रहा है।अभिषेक उर्फ बमबम कुमार की भी वारदात में सक्रिय भूमिका सामने आई है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया है कि हत्या के लिए कुल पांच लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। पुलिस के अनुसार मुख्य शूटर को सुपारी की राशि देने की बात स्वीकार की गई है। शुरुआती चरण में करीब 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे, जबकि बाकी रकम हत्या के बाद भुगतान की जानी थी। हालांकि नवगछिया पुलिस की लगातार छापेमारी और दबिश के कारण पूरी रकम का भुगतान नहीं हो सका।

स्थानीय अपराधियों का इस्तेमाल

जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात में शामिल अधिकांश शूटर और सहयोगी स्थानीय क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। पुलिस का मानना है कि स्थानीय होने के कारण अपराधियों को श्याम साह की दिनचर्या और गतिविधियों की पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर हत्या को अंजाम दिया गया। हत्या के बाद पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के निर्देश पर एसडीपीओ अनिकेत अमर के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने—घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल का विश्लेषण किया। तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र का इस्तेमाल किया। संदिग्धों की गतिविधियों की निगरानी की। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान गुड्डू कुमार, पिता-अम्बिका सिंह, मनोहरपुर, भवानीपुर सुधांशु कुमार, पिता-चतुरी साह, पोखरिया, गोपालपुर, अभिषेक उर्फ बमबम कुमार, पिता-प्रेमलाल साह, पोखरिया, गोपालपुर के रूप में की गयी है। वहीँ  घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जब्त किया गया है।  पुलिस का दावा है कि हत्या में शामिल अन्य शूटरों और सहयोगियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस हत्याकांड में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। नवगछिया का श्याम साह हत्याकांड यह बताता है कि बिहार में जमीन विवाद किस तरह पारिवारिक रिश्तों को दुश्मनी में बदल रहा है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या की साजिश घर-परिवार और गोतिया रिश्तों के बीच ही तैयार हुई। पुलिस जांच के अनुसार विवादित जमीन और पुरानी रंजिश ने अंततः एक प्रॉपर्टी डीलर की जान ले ली। अब सबकी नजर फरार शूटरों और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी पर टिकी है।

अंजनी कश्यप की रिपोर्ट