Child Protection: रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ का बड़ा अभियान, पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बचाया

Child Protection: मालदा रेलवे परिसरों और ट्रेनों में यात्रियों की हिफाजत के साथ-साथ नाबालिग बच्चों तथा कमजोर एवं संवेदनशील यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) लगातार चौकसी बरत रहा है। ...

रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ का बड़ा अभियान- फोटो : reporter

Child Protection:  मालदा रेलवे परिसरों और ट्रेनों में यात्रियों की हिफाजत के साथ-साथ नाबालिग बच्चों तथा कमजोर एवं संवेदनशील यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) लगातार चौकसी बरत रहा है। इसी कड़ी में मालदा मंडल में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान आरपीएफ पोस्ट बड़हरवा की टीम ने तीनपहाड़ और बड़हरवा रेलवे स्टेशन से पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से बच्चों को संभावित खतरे से बचाया गया।

यह अभियान मंडल रेल प्रबंधक मालदा श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और सहायक सुरक्षा आयुक्त/प्रभारी आरपीएफ मालदा श्री बरुण कुमार बेहरा के पर्यवेक्षण में चलाया जा रहा है। स्टेशनों, प्लेटफॉर्म और सर्कुलेटिंग एरिया में आरपीएफ जवानों द्वारा नियमित गश्त और सघन चेकिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध स्थिति पर फौरन कार्रवाई की जा सके।

जानकारी के मुताबिक 4 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10:35 बजे आरपीएफ पोस्ट बड़हरवा की टीम तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त कर रही थी। इसी दौरान जवानों की नजर एक नाबालिग बालिका पर पड़ी, जो अपने करीब दो वर्षीय छोटे भाई के साथ अकेली घूम रही थी। पूछताछ में बालिका ने बताया कि पारिवारिक कारणों से वह अपने छोटे भाई के साथ घर से निकल गई थी और भटकते-भटकते तीनपहाड़ स्टेशन पहुंच गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ कर्मियों ने दोनों बच्चों को तत्काल सुरक्षित अभिरक्षा में लिया और उन्हें आरपीएफ पोस्ट बड़हरवा लाया गया। इसके बाद बच्चों से आवश्यक जानकारी हासिल कर उनके परिजनों का पता लगाने और उनसे संपर्क स्थापित करने की कवायद शुरू की गई।

वहीं 5 अक्टूबर की रात करीब 12:20 बजे बड़हरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या-1 और वेटिंग रूम में सघन जांच की। इस दौरान अलग-अलग स्थानों से तीन अन्य नाबालिग बच्चे मिले। पूछताछ और सत्यापन में बच्चों ने बताया कि वे अपने माता-पिता को जानकारी दिए बिना घर से निकल आए थे। आरपीएफ जवानों ने तत्काल सभी बच्चों को अपनी सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया।

पांचों बच्चों को आरपीएफ पोस्ट बड़हरवा लाकर आवश्यक पूछताछ और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क साधा गया। नियमानुसार वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी पांच बच्चों को मंथन, बड़हरवा की प्रतिनिधि आराधना मंडल और श्री अंशु मालाकार को आगे की आवश्यक कार्रवाई, देखरेख और संरक्षण के लिए सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया गया।आरपीएफ की यह कार्रवाई बच्चों की हिफाजत और संरक्षण को लेकर उसकी सतर्कता को दर्शाती है। मालदा मंडल ने अभिभावकों और यात्रियों से अपील की है कि वे नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग रहें। किसी बच्चे को अकेले या संदिग्ध परिस्थिति में देखने पर तत्काल नजदीकी आरपीएफ कर्मी या उपलब्ध रेलवे हेल्पलाइन को सूचना दें, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके।

रिपोर्ट- बालमुकुंद कुमार