श्रावणी मेला 2026: कांवरिया पथ पर इस बार मिलेगी 'दीदी की रसोई' की सुविधा, मौसम की मार से बचाने की होगी पूरी तैयारी

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को सुरक्षित, सुगम और हाईटेक बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस बार शिवभक्तों की सुविधा के लिए कांवरिया पथ पर 'दीदी की रसोई' भोजन प्रबंध, बारिश से बचाव जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं..

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन की पूरी तैयारी- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

Bhagalpur -: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के सफल और सुगम संचालन को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शनिवार को समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में जिलाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े जितने भी कार्य होने हैं, उनकी लगातार और कड़ाई से मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने अब तक ठीक किए गए चापाकलों और नगर परिषद द्वारा किए गए कार्यों की बिंदुवार रिपोर्ट भी ली।


जलजमाव से मुक्ति के लिए ऊंचे होंगे जर्मन हैंगर, फूड इंस्पेक्टरों की होगी तैनाती

कांवरियों को मौसम की मार से बचाने के लिए जिलाधिकारी ने विशेष हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिया कि सुल्तानगंज और कांवरिया पथ पर जहाँ भी टेंट या जर्मन हैंगर लगाए जाते हैं, उन स्थानों की मिट्टी को पहले ही ऊंचा कर लिया जाए ताकि मानसून की मूसलाधार बारिश होने पर भी वहाँ जलजमाव की स्थिति पैदा न हो। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ने वाले कांवरिया पथ की नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्वच्छता प्रेक्षकों को सौंपी गई है। मेले में कांवरियों को शुद्ध और मिलावट रहित खाद्य पदार्थ मिले, इसके लिए फूड इंस्पेक्टरों (खाद्य निरीक्षकों) की विशेष प्रतिनियुक्ति करने का आदेश दिया गया है।


डिजिटल होगा मेला: बनेगा विशेष 'श्रावणी मेला ऐप' और स्थानीय भाषा में बजेंगे जिंगल्स

इस वर्ष श्रावणी मेले को और अधिक आधुनिक और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए 'श्रावणी मेला ऐप' को डिजाइन करने का निर्देश दिया गया है, जिसके माध्यम से शिवभक्तों को रास्ते, पानी, स्वास्थ्य शिविरों और घाटों की पल-पल की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिल सकेगी। साथ ही, मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय भाषा (अंगिका) में आकर्षक जिंगल्स बनवाने और होर्डिंग्स की डिजाइन अभी से तैयार करने को कहा गया है। इस बार सुल्तानगंज के कांवरिया पथ पर देवतुल्य श्रद्धालुओं के लिए भोजन की उत्तम व्यवस्था हेतु जीविका दीदियों द्वारा संचालित 'दीदी की रसोई' का प्रबंध भी किया जाएगा।


नमामि गंगे घाट पर होगी विशेष लाइटिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कलाकारों का होगा चयन

सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट और कृष्णगढ़ चौक पर रात के समय सुरक्षा और भव्यता के लिहाज से विशेष और आधुनिक लाइटिंग (लाइटिंग की चकाचौंध व्यवस्था) कराने का टास्क संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। मेले के दौरान कांवरियों के मनोरंजन और आध्यात्मिक माहौल को बनाए रखने के लिए नमामि गंगे घाट और धांधी बेलारी में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसके लिए डीएम ने अभी से ही बेहतरीन और प्रतिष्ठित कलाकारों का चयन करने का आदेश जारी कर दिया है।


बैठक में डीडीसी और अपर समाहर्ता सहित कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

श्रावणी मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित इस महा-बैठक में जिले के तमाम वरीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (DDC) श्री प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता श्री दिनेश राम, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क श्री नागेंद्र कुमार गुप्ता सहित पीएचइडी, बिजली विभाग, नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने एक सुर में कहा कि बाबा के भक्तों को भागलपुर की सीमा में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

बालमुकुंद कुमार की रिपोर्ट