खुले में मांस बिक्री पर बरसे राजकुमार चौबे: कहा— 'स्थायी प्रतिबंध से ही संभव है सामाजिक सौहार्द', सरकार के रुख को बताया सकारात्मक
बक्सर के विश्वामित्र सेना ने खुले में मांस की बिक्री पर सरकार के सख्त रुख का स्वागत करते हुए इसे अपनी दीर्घकालिक मांग की जीत बताया है। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने इस दिशा में स्थायी नीति बनाने की अपील की है।
Buxar -: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा खुले में मांस की बिक्री पर हाल ही में दिए गए बयान के बाद बक्सर की विश्वामित्र सेना ने इसे एक स्वागत योग्य कदम बताया है। संगठन का मानना है कि खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगाने की उनकी वर्षों पुरानी मांग अब सार्थक दिशा में बढ़ रही है। विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि एक स्थायी कानून होना चाहिए।
धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता और सौहार्द का मुद्दा
राजकुमार चौबे ने अपने ताजा बयान में कहा कि खुले में मांस की बिक्री केवल धार्मिक आस्था को आहत नहीं करती, बल्कि यह सामाजिक मर्यादा, सार्वजनिक स्वच्छता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता से भी जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में शुचिता और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए मांस की खुलेआम बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध लगना अनिवार्य है।
अस्थायी नहीं, स्थायी नीति की मांग
गौरतलब है कि रामनवमी के दौरान बक्सर में मांस की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। चौबे ने उस समय भी सरकार से इसे सीमित अवधि के बजाय दीर्घकालिक नीति के रूप में लागू करने का आग्रह किया था। संगठन का कहना है कि वे वर्षों से विभिन्न मंचों के माध्यम से इस विषय को उठाते रहे हैं और सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की चेतावनी भी देते रहे हैं।
सरकार से स्पष्ट कानून की अपेक्षा
सरकार की ओर से आए सकारात्मक संकेतों के बाद अब विश्वामित्र सेना को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही एक स्पष्ट नियमावली बनाकर इसे पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करेगा। राजकुमार चौबे ने कहा कि जब तक इसे स्थायी रूप से लागू नहीं किया जाता, तब तक सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक गरिमा को पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया जा सकता।