Bihar News : बिहार के इस पंचायत ने पेश की महिला सशक्तिकरण की मिसाल, रोजगार कर कमाई कर रही 80 फीसदी महिलाएं
Bihar News : बिहार के इस पंचायत ने महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है. जहाँ मुखिया के प्रयासों से 80 फीसदी महिलाएं आत्म निर्भर है.....जानिए
BUXAR : बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड अंतर्गत डुमरी पंचायत की महिलाएं सशक्तिकरण की एक जीती-जागती मिसाल बन चुकी हैं। यहां की आधी आबादी यानी महिलाएं अब रोजगार से जुड़कर पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गई हैं। इनमें से करीब 80 प्रतिशत महिलाएं जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं और भैंस पालन, ब्यूटी पार्लर संचालन, सिलाई-कढ़ाई और अन्य कुटीर उद्योगों के जरिए अपनी आजीविका चला रही हैं। यहां के मुखिया प्रेम सागर कुंवर ने 2021 में पदभार संभालने के बाद महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने पंचायत को 'महिला मॉडल हितैषी' बनाने का लक्ष्य रखा, जिसके सकारात्मक नतीजे अब सामने आ रहे हैं। पंचायत में चार सिलाई केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां लड़कियां और महिलाएं सिलाई सीखकर स्वरोजगार की ओर बढ़ रही हैं।
सफलता की कहानियां
50 वर्षीय शांति देवी पिछले तीन महीनों से गांव में ब्यूटी पार्लर चला रही हैं। इससे उनकी रोजाना आमदनी 200 से 500 रुपये तक हो गई है। इनकी तरह हीं अनीता देवी(35 वर्ष) गांव की महिलाओं को सिलाई ट्रेनिंग देने के साथ खुद भी पार्लर संचालित करती हैं। वे अपनी बचत से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च चला रही हैं।
महिला रोजगार योजना का सफल उदाहरण
सुशीला देवी(45 वर्ष) जीविका समूह से जुड़ी हैं। इन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से मिले 10 हजार रुपये से सिलाई मशीन खरीदकर इसे कमाई का जरिया बनाया। दौलतिया देवी(50 वर्ष) ने भी 10 हजार रुपये से भैंस खरीदी और दूध बेचने का कारोबार शुरू किया। वे रोजाना 10 लीटर दूध 50 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचती हैं और बचत से भैंसों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही हैं।
छात्राओं और शिक्षिकाओं के लिए व्यवस्था
छात्राओं और शिक्षिकाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यहां के स्कूलों में कॉमन रूम बनाए गए हैं, जहां पीरियड्स के दौरान लड़कियां आराम कर सकती हैं। स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों पर पैड वेंडिंग व डिस्पोजिंग मशीन लगाई गई हैं। इसके साथ हीं प्रतिमाह करीब 1000 सैनेटरी पैड मुफ्त वितरित किए जाते हैं।
आशा कार्यकर्ता और शिक्षा के प्रति बढ़ते कदम
जिले में पहली बार पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को वार्षिक सम्मानित करने की परंपरा शुरू की गई है, जिससे उनमें उत्साह बढ़ा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क ई-लाइब्रेरी स्थापित की गई, जहां इंटरनेट, कंप्यूटर और किताबों की सुविधा उपलब्ध है। इस पहल से पंचायत से 10 से अधिक विद्यार्थियों का चयन प्रतियोगी परीक्षाओं में हुआ, जिसमें 4 छात्राएं भी शामिल हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए कार्टून देखने की व्यवस्था की गई है। महादलित और गरीब परिवारों के बच्चों के स्कूल नामांकन सुनिश्चित करने के लिए 'हर बच्चा विद्यालय में' अभियान चलाया जा रहा है। मुखिया प्रेम सागर कुंवर ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि सरकारी हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। स्वच्छता, राशन वितरण, शिक्षा, महिला भागीदारी, स्वास्थ्य सेवाएं और सिंगल यूज प्लास्टिक का पृथक्करण जैसे मुद्दों पर निरंतर काम हो रहा है। जल्द ही डुमरी पंचायत पूर्ण महिला हितैषी मॉडल के रूप में पूरे बिहार के लिए प्रेरणा बनेगी।