छपरा के GMCH को NMC से मिली मान्यता, 50 सीटों पर शुरू होगी MBBS की पढ़ाई

सारण जिले के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। उनके बच्चों को जहां अब जिले में ही मेडिकल की पढ़ाई की सुविधा मिलेगी, बल्कि आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी.....

छपरा के GMCH को NMC से मिली मान्यता- फोटो : धर्मेंन्द्र रस्तोगी

Chapra : सारण जिले के लिए चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। सदर प्रखंड के माला गांव में लोकनायक जय प्रकाश नारायण के नाम पर स्थापित जय प्रकाश विश्वविद्यालय परिसर स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल (जीएमसीएच) को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। आयोग के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा 3 सितंबर 2026 को लेटर ऑफ परमिशन (LOP) जारी किए जाने के बाद इस संस्थान में मेडिकल पढ़ाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।


आगामी सत्र 2026-27 से 50 सीटों पर शुरू होगा एमबीबीएस नामांकन 

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संस्थान में एमबीबीएस की 50 सीटों पर छात्रों का वार्षिक नामांकन शुरू होगा। गौरतलब है कि शुरुआती दौर में कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण 1 जुलाई 2026 को इसके आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया था। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन द्वारा की गई प्रभावी अपील तथा दूसरी अपील समिति के सकारात्मक निर्णय के बाद सभी मानकों को पूरा करते हुए अंततः 3 सितंबर को परमिशन लेटर जारी कर दिया गया।


स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में मिलेगा डॉक्टर बनने का सुनहरा अवसर 

सारण प्रमंडल के मुख्यालय छपरा में स्थित यह सरकारी मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा। अब तक स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के लिए राज्य के अन्य बड़े शहरों या देश के दूसरे हिस्सों का रुख करना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा उपलब्ध होने से न केवल मेधावी छात्रों के समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि क्षेत्र के युवाओं का डॉक्टर बनने का सपना भी आसानी से साकार हो सकेगा।


ग्रामीण और शहरी इलाकों के मरीजों को मिलेंगी सुलभ चिकित्सा सुविधाएं 

जय प्रकाश विश्वविद्यालय परिसर के समीप इस अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थान के शुरू होने से न केवल शैक्षणिक माहौल उन्नत होगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। 50 एमबीबीएस सीटों के साथ शुरू हो रहा यह संस्थान भविष्य में डॉक्टरों की नई फौज तैयार करेगा, जिससे उत्तर बिहार के इस बड़े हिस्से में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।


सारण के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा नया कॉलेज 

छपरा वासियों के लिए वर्षों से देखा जा रहा यह सपना अब धरातल पर उतर चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है। जानकारों का मानना है कि जीएमसीएच छपरा की शुरुआत केवल एक नए शैक्षणिक संस्थान का खुलना भर नहीं है, बल्कि यह सारण जिले के विकास और हेल्थकेयर सेक्टर की तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित होगा। इस सौगात के साथ ही छपरा अब बिहार के नए मेडिकल हब के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।


धर्मेन्द्र की रिपोर्ट