Bihar News : छपरा में एक माँ ने तीन साल में खोया दो बेटा, बाढ़ की चिंता में परदेस से लौटे 18 वर्षीय विक्की की सड़क हादसे में हुई मौत
बाढ़ की चिंता में परदेस से लौटे 18 वर्षीय विक्की की सड़क हादसे में मौत हो गयी. इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है....पढ़िए आगे
CHAPRA : गंडक का तटबंध टूटा तो घर में बाढ़ का पानी घुसने की खबर ने गुजरात में मजदूरी कर रहे विक्की को बेचैन कर दिया। मां और अविवाहित बहन की चिंता में वह हजारों किलोमीटर दूर से भागा- भागा गांव लौट आया। उसे क्या पता था कि जिन अपनों की चिंता उसे घर खींच लाई, उनके पास उसकी जिंदगी के आखिरी चार दिन ही बचे हैं। सोमवार को छपरा- मुजफ्फरपुर मुख्य पथ पर मकेर बाईपास के समीप अज्ञात वाहन की टक्कर ने 18 वर्षीय विक्की कुमार की जिंदगी छीन ली। बेटे की मौत की खबर से मां प्रमिला देवी का संसार उजड़ गया है। मृतक की पहचान चकिया गांव निवासी कन्हाई राय के पुत्र विक्की कुमार के रूप में हुई है।
एक मात्र बचे बेटे के सहारे जीने की उम्मीद, मातम में बदली:
परिजनों ने बताया कि वह साइकिल से आटा लाने के लिए फ्लावर मिल जा रहा था। इसी दौरान मकेर बाईपास के समीप तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सड़क पर तड़प रहे विक्की को राहगीरों ने उठाया और फुलवरिया पीएचसी कैंप पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिवार में चीख- पुकार मच गई। जिस बेटे के लौटने से मां को बाढ़ की मुश्किलों के बीच सहारा मिलने की उम्मीद जगी थी, उसी की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
तीन साल पहले बड़े भाई की भी सड़क हादसे में हुई थी मौत:
इस परिवार पर यह दूसरा बड़ा वज्रपात है। करीब तीन साल पहले विक्की के बड़े भाई विशाल की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अब छोटे बेटे की असमय मौत ने कन्हाई राय और प्रमिला देवी को पूरी तरह तोड़ दिया है। दो जवान बेटों को खोने के बाद परिवार का सहारा छिन गया है। मां प्रमिला देवी का रो- रोकर बुरा हाल है। वह बार- बार बेहोश हो जा रही हैं और बिलखते हुए कह रही हैं, 'अब किसके लिए जिऊं?'
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय थाने की पहुंच कर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर है। बाढ़ की चिंता में परदेस से घर लौटे विक्की की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। जिस घर में बेटे की वापसी से मुश्किल वक्त में संबल मिलने की उम्मीद थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
धर्मेंद्र रस्तोगी की रिपोर्ट