Pitrupaksh Mela 2026 : गया जी में बालासाहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे ने किया पिंडदान, भावुक होकर बोलीं- 'सीता माता की कथा से मिली प्रेरणा'

Pitrupaksh Mela 2026 : गया जी मे पितृपक्ष के मौके पर मोक्षभूमि गया में शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण किया।

स्मिता ठाकरे ने किया पिंडदान - फोटो : MANOJ

GAYAJI : पितृपक्ष के पावन अवसर पर मोक्षभूमि गया जी में शिवसेना के संस्थापक स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पूरे विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण किया। फल्गु नदी के तट और गयाजी के पावन वेदी स्थल पर पूजा-अर्चना के दौरान स्मिता ठाकरे काफी भावुक नजर आईं और उनकी आंखें नम हो गईं।

पितरों को दिया जलांजलि, माता सीता से मिली प्रेरणा

अनुष्ठान के बाद स्मिता ठाकरे ने बताया कि उन्होंने अपने ससुर बालासाहेब ठाकरे, अपनी सास और अपने पिता मधुकर चित्रे की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया है। महिलाओं द्वारा पिंडदान किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें माता सीता की पौराणिक कथा से प्रेरणा मिली कि महिलाएं भी अपने पितरों के मोक्ष के लिए तर्पण कर सकती हैं।

महाराष्ट्र और बिहार के मजबूत सांस्कृतिक संबंध

गया की पावन धरती, स्थानीय प्रशासन, पंडा समाज और आम लोगों के सहयोग के प्रति आभार जताते हुए स्मिता ठाकरे ने कहा कि बिहार का आतिथ्य सत्कार अविस्मरणीय है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि महाराष्ट्र और बिहार के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंध सदियों पुराने और बेहद मजबूत हैं। राजनीति में प्रवेश से जुड़े सवालों पर विराम लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सीधे तौर पर सक्रिय राजनीति में नहीं रही हैं, बल्कि समाजसेवा के माध्यम से लोगों के बीच काम करती हैं। उन्होंने याद किया कि बालासाहेब ठाकरे हमेशा ईमानदारी से काम करने और बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग की निस्वार्थ सेवा करने की सीख दिया करते थे।

सनातन परंपरा और पीएम मोदी के विचारों की सराहना

सनातन और हिंदुत्व पर बात करते हुए स्मिता ठाकरे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के विचार हिंदुत्व को लेकर बेहद स्पष्ट और दृढ़ थे। उन्होंने नई पीढ़ी से अपनी समृद्ध संस्कृति और सनातन परंपराओं को गहराई से समझने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सनातन संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र सेवा से जुड़े विचारों की भी सराहना की।

कौन हैं स्मिता ठाकरे 
स्मिता ठाकरे बाल ठाकरे की बहू और जयदेव ठाकरे की पत्नी हैं। जयदेव ठाकरे, शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के दूसरे बेटे थे। बाल ठाकरे के सबसे बड़े बेटे बिंदु माधव की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। दूसरे नंबर के बेटे जयदेव ठाकरे हैं, वहीं तीसरे बेटे उद्धव ठाकरे हैं। जानकारी के मुताबिक, जयदेव ठाकरे ने स्मिता से तलाक ले लिया था और अलग रहने लगे थे।  

मनोज की रिपोर्ट