AI से हाईटेक होगी बिहार विधानसभा, सक्षम विधायक और सशक्त विधानसभा के लिए सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान

सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'समृद्ध बिहार' के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना होगा।

Samrat Chaudhary- फोटो : news4nation

बिहार विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को गया स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) में आयोजित बिहार विधानसभा सदस्यों के दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में यह बात कही। उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग से विधानसभा की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लोकतांत्रिक संस्थाएं अधिक प्रभावी बनेंगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि "सक्षम विधायक और सशक्त विधानसभा ही समृद्ध बिहार की आधारशिला हैं।" उन्होंने नवनिर्वाचित विधायकों से विधानसभा की कार्यप्रणाली, नियमों और संसदीय परंपराओं का गंभीरता से अध्ययन करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल सदन तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनता की आकांक्षाओं को पूरी तैयारी और तथ्यों के साथ सदन में मजबूती से उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सत्ता और विपक्ष दोनों की रचनात्मक भूमिका जरूरी है। स्वस्थ संवाद, सार्थक बहस और जनहित को सर्वोपरि रखने की भावना ही विधानसभा की गरिमा बढ़ाती है और राज्य के विकास को नई दिशा देती है।


सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'समृद्ध बिहार' के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पीपीपी मॉडल के तहत बस स्टैंड, टाउनशिप और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य सरकार 'सहयोग कार्यक्रम' भी चला रही है, जिसमें जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से लोगों को बेहतर सेवाएं और त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जा सकता है।


शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई से राज्य के विभिन्न प्रखंडों में 213 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने इसे उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध होगी और समृद्ध बिहार के निर्माण को नई गति मिलेगी।


इस दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय परंपराओं, विधायी दायित्वों और सुशासन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना है।