Bihar News: 40 साल का सब्र टूटा, संबद्ध कॉलेजों के शिक्षक-कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर किया प्रदर्शन, ये हैं नौ सूत्री मांग
Bihar News: बिहार के संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों तक पहुंच गया है।...
Gayaji: बिहार के संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने लगा है। नौ सूत्री मांगों को लेकर महाबोधि कॉलेज, बेलागंज में शिक्षकों और कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की और लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई।यह प्रदर्शन बिहार राज्य संबद्ध डिग्री कॉलेज शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के आह्वान पर किया गया। कार्यक्रम में महासंघ के मगध विश्वविद्यालय अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मिट्ठू, महाबोधि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार समेत बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी पिछले करीब चार दशक से वेतनमान, पेंशन और वर्षों से लंबित अनुदान समेत कई मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि समय-समय पर धरना और प्रदर्शन के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकला।महासंघ के नेताओं ने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संबद्ध डिग्री कॉलेजों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार राज्य के करीब 65 प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा में इन कॉलेजों की अहम भागीदारी है। इसके बावजूद यहां कार्यरत कर्मचारियों को सरकारी कॉलेजों की तर्ज पर नियमित वेतनमान और पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है।शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और पटना उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इससे शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।महासंघ के नेताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले संबद्ध डिग्री कॉलेजों की समस्याओं के समाधान तथा वेतन-पेंशन की व्यवस्था को लेकर मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने की बात कही गई थी।लेकिन कई महीने गुजरने के बाद भी कमेटी की बैठक नहीं होने से कर्मचारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उनकी मांगों पर सरकार की गंभीरता कितनी है।
महासंघ के आह्वान पर संबद्ध डिग्री कॉलेजों में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि यह आंदोलन फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है, लेकिन मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और धार दी जाएगी।महासंघ ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके तहत अब 2 सितंबर 2026 को मगध विश्वविद्यालय मुख्यालय, बोधगया में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।धरना-प्रदर्शन के बाद महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन मगध विश्वविद्यालय के कुलपति को सौंपा जाएगा। महासंघ ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
महाबोधि कॉलेज में हुए प्रदर्शन ने संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षक-कर्मचारियों की पुरानी नाराजगी को एक बार फिर सामने ला दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से सरकार से अपनी मांगों पर ठोस फैसला लेने की उम्मीद कर रहे हैं।अब निगाहें 2 सितंबर के बोधगया धरना-प्रदर्शन पर टिकी हैं। यदि सरकार की ओर से मांगों को लेकर ठोस पहल नहीं होती है तो महासंघ आंदोलन को किस दिशा में ले जाता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
कार्यक्रम में प्रो. बैदेही शरण सिंह, प्रो. विनोद कुमार टुनी, प्रो. मदन कुमार, प्रो. अश्विनी कुमार, डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, प्रो. अजय कुमार, प्रो. रंजीत भारद्वाज, प्रो. सुनील कुमार, प्रो. ब्रजेश शर्मा, प्रो. सूर्यदेव यादव, प्रो. प्रतिमा कुमारी, प्रो. सुनील पांडेय और प्रो. सत्येंद्र कुमार समेत कई शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट- प्रेम