'SIR' मुद्दे पर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला: चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल, CEC ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने SIR मुद्दे पर केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि पीएम और गृह मंत्री पहले ही चुनाव आयोग को सीटों की सूची सौंप देते हैं और उसी हिसाब से चुनावी नतीजे तैयार किए जाते है....
Patna : बिहार विधान सभा मे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 'एसआईआर' (SIR) मुद्दे पर केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि पिछले 10 महीनों में एसआईआर को लेकर 14 बार सवाल खड़े किए गए हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त इस पर मौन साधे हुए हैं। उन्होंने हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के फैसलों का 11 बार विरोध किया था, जो आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
बिहार और पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव कराने की मांग
मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने एक बड़ी राजनीतिक मांग रखते हुए कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल में निष्पक्षता बहाल करने के लिए दोबारा चुनाव कराए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के नतीजे पूरी तरह धांधली और हेरफेर का परिणाम हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पहले ही चुनाव आयोग को सीटों की सूची सौंप देते हैं और उसी हिसाब से चुनावी नतीजे तैयार किए जाते हैं, जिससे विपक्ष को साजिश के तहत हराया गया।
सुप्रीम कोर्ट के 1995 के फैसले और चुनाव आयुक्तों की समानता का दिया हवाला
तेजस्वी यादव ने 1995 के उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के एक ऐतिहासिक फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि अदालत ने स्पष्ट किया था कि सभी चुनाव आयुक्तों का दर्जा मुख्य चुनाव आयुक्त के बराबर होता है। इसके बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा एकतरफा निर्णय लिए गए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी ने संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी से आयोग का संचालन किया है।
'संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद करने की हो रही कोशिश'
संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर चिंता जताते हुए आरजेडी नेता ने कहा कि कोई भी नेता या सरकार स्थायी नहीं होती, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाएं हमेशा बनी रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार देश में बांग्लादेश जैसी चुनावी व्यवस्था लागू करना चाहती है, जहां लोकतंत्र और पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मनमानी और फर्जीवाड़े के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा और इस मुद्दे को देशव्यापी स्तर पर पूरी प्रमुखता से उठाएगा।
विपक्ष की सरकार बनने पर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की दी चेतावनी
तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली में शामिल अधिकारियों को भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़े के बल पर सरकार चलाई जा रही है और इसका चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में जब भी विपक्ष की सरकार बनेगी, तो चुनाव प्रक्रिया में अनियमिताएं बरतने और पक्षपात करने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रंजन की रिपोर्ट