Bihar News: बिहार में उद्योग के दावों पर कुमार सर्वजीत का सवाल, डोभी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर जमकर बरसे
Bihar News: बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को लेकर सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
Bihar News: बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को लेकर सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है। बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम के बाद बोधगया से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक कुमार सर्वजीत ने राज्य सरकार की औद्योगिक नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से बिहार में उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अब वक्त आ गया है कि इन वादों का असर जमीन पर भी नजर आए।
कुमार सर्वजीत ने कहा कि गया के डोभी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में उद्योगों की स्थापना एक अहम पहल है। हालांकि, औद्योगिक विकास केवल जमीन उपलब्ध कराने या निवेश के ऐलान तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए बिजली की निर्बाध आपूर्ति, बेहतर सड़क संपर्क और औद्योगिक फीडर जैसी बुनियादी सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। उनके मुताबिक, जब तक उद्योगों को जरूरत के मुताबिक संसाधन और सहूलियत नहीं मिलेगी, तब तक उत्पादन और रोजगार के अवसरों को अपेक्षित रफ्तार देना चुनौती बना रहेगा।
विधायक ने इथेनॉल फैक्ट्रियों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्पादित इथेनॉल की खरीद में आ रही परेशानियों के कारण कई उद्योग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को उद्योगों की समस्याओं का जायजा लेकर उनका समाधान निकालना चाहिए, ताकि निवेशकों का भरोसा कायम रहे और औद्योगिक इकाइयों का संचालन प्रभावित न हो।
कुमार सर्वजीत ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि निवेश आकर्षित करने के लिए सुरक्षित माहौल और भरोसेमंद प्रशासन बेहद जरूरी हैं। उद्योगपति किसी भी राज्य में पूंजी लगाने से पहले सुरक्षा, परिवहन और कारोबार की सहूलियत जैसे पहलुओं पर गौर करते हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करे और निवेशकों के सामने भरोसेमंद माहौल की तस्वीर पेश करे।
इसके अलावा, उन्होंने बोधगया में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान फुटपाथ दुकानदारों को होने वाली परेशानियों का सवाल उठाया। उन्होंने मांग की कि इन दुकानदारों के लिए अलग और व्यवस्थित बाजार बनाया जाए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो और शहर में यातायात व व्यवस्था भी बेहतर बनी रहे।कुमार सर्वजीत ने कहा कि बिहार में औद्योगिक तरक्की का वास्तविक पैमाना घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाले नतीजे होने चाहिए। अब यह देखना होगा कि सरकार निवेश के वादों को किस हद तक अमलीजामा पहनाती है और इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के कितने अवसर पैदा होते हैं।
रिपोर्ट- मनोज कुमार